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Archive for the ‘Hindi Stories’ Category

मेरा पहला सेक्स

July 27th, 2010

मेरा पहला सेक्स

हेलो मेरा नाम निक है, मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ. आज मैं भी आपको अपनी कहानी सुनना चाहता हूँ।

वैसे मेरी उमर २१ साल है और मैं कबड्डी का खिलाड़ी हूँ इस लिए मेरा फ़ीज़ीक भी सही है, और मेरा लौड़ा काफ़ी बड़ा और तकड़ा है ९ इंच लंबा और कम से कम ३ इंच मोटा।

बात तब की है जब मुझे नेट का बड़ा चस्का होता था, मैं रोज़ नेट पर बात करता रहता था, रात को रोज़ अपना लौड़ा शान्त करने के लिए मूठ मारता था।

एक दिन नेट पर एक लड़की से मेरी बात हुई। मैंने उससे अपनी फोटो भेजी। वो भी काफ़ी खूबसूरत थी, रोज़ हमारी बात होती। वो भी दिल्ली में ही रहती थी। थोड़े दिनों में हमारी बातचीत खुली हो गयी। अब वो मुझसे मिलना चाहती थी।

फिर हम एक दिन साउथ एक्स में मिले। वो मुझे बहुत पसंद करने लगी, फिर मुलाकातें बढ़ने लगी, कभी कभी हम छोटी मोटी किस कर लेते थे, फिर एक दिन मुझे उसने अपने घर बुलाया। शायद आज उस के घर पर कोई नहीं था मुझे थोड़ा डर भी लग रहा था, पर मैं उससे मिलने चला गया, मैंने देखा उस के घर पर कोई नही था, मैंने बेल बजाई वो बाहर आई, उसने सेक्सी सा लाल रंग का गाउन पहना था और आज़ बहुत माल और बहुत सेक्सी लग रही थी।

मैं उस के घर के अंदर गया उस का घर ठीक ठाक था। मैं सोफे पर बैठ गया और वो मेरे लिए चाय बनाने चली गई, अंदर से कुछ आवाजें आ रही थी। मैंने सुना तो उसकी और एक सहेली उस के घर पर थी वो थोड़ी मोटी थी लेकिन मॉल थी, ज़ींस और टॉप पहन रखा था उसने, वो मेरे पास आई। ओह सॉरी दोनों का नाम बताना तो मैं भूल ही गया, मेरी गर्लफ्रेंड का नाम सिमरन है और उस की सहेली का नाम ज्योति है।

वो दोनों मेरे पास आकर बैठ गई। सिमरन ने अपनी सहेली का परिचय करवाया। मेरी गर्लफ्रेंड मुझे कोई बात बताने के लिए उठने के लिए बोला, मैं उठ के उसके पीछे गया वो वाशरूम की तरफ़ जा रही थी, अंदर आते ही उस ने मुझे पकड़ लिया और किस करना स्टार्ट कर दिया, थोड़े देर बाद मैंने भी उसे दबाना शुरू कर दिया, वो गरम हो गई थी। मैंने आज पहली बार उस का मूमा उस के गाऊन से बाहर निकाला और किस करना शुरू कर दिया।

उस ने मेरे मुँह पर हाथ रख कर बोला कि मेरी सहेली का कोई बोयफ़्रेन्ड नहीं है वो भी तुम से आज मिलना चाहती है और मैं भी, मैं समझ गया कि दोनों आज चुदना चाहती है। मैंने कहा ठीक है। मैंने जितना सोचा भी नहीं था शायद उस से ज्यादा मिल रहा है आज।

मेरा लौड़ा खड़ा हो रहा था उन दोनों को देख कर। हम बाहर आए तो सिमरन ने बोला कि चलो मेरे कमरे में चलते हैं। हम उसके कमरे में चले गए और अंदर जा कर मैं बेड पर बैठ गया, वो दोनों खड़ी थी। सिमरन ने आकर मेरे ऊपर बैठ कर मुझे किस करना शुरू कर दिया लेकिन ज्योति शरमा रही थी, वो मेरे पास आकर बैठ गई, मैंने सिमरन का गाऊन उतार दिया और उसके बूब्स पर किस करने लगा और सिमरन ज्योति को किस करने लग गई, मेरा लौड़ा पूरा खड़ा हो गया था।

कुछ देर बाद मुझे लगा कोई मेरी पेंट की जिप खोल रहा है वो ज्योति थी, उसने भी अपने कपड़े उतार दिए थे, उस ने मेरा लौड़ा बाहर निकल लिया, वो देखते ही डर गई, सिमरन ने भी मुड़ कर देखा और नीचे उत्तर गई और मेरे लौड़े को ध्यान से देखने लगी। दोनों देख कर डर गई थी कि इतना लंबा हम कैसे ले पायेगी।

मैंने दोनों के बाल पकड़े और लौड़े पर चुप्पे करवाए दोनों मस्त हो कर चूसने लग गई……

कुछ देर बाद मैं सिमरन को अपने ऊपर बुला कर उसकी चूत चाटने लग गया वो सिसकियाँ लेने लगी- आआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह चूसो मुझे, चूसो ज़ोर से, उसकी आवाजें सुन के मैं भी मदहोश होने लगा। उधर से ज्योति मेरे लौड़े को पूरा अंदर लेने की कोशिश कर रही थी। मुझे मज़ा आ रहा था।

मैंने ज्योति को अपने कपड़े उतारने के लिए कहा। अब हम तीनो नंगे थे। सिमरन चिल्लाने लगी कि मुझे चोद दो प्लीज़, अब नहीं रहा जा रहा !

मैंने उसे अपने लौड़े पर बिठाया और उसकी चूत पर अपने लौड़े को टिका कर ज़रा सा अंदर किया, वो अंदर चला गया। मुझे लगता है वो पहले किसी से चुद रखी थी पर कोई बात नहीं।

मैंने ज्योति को देखा, वो शरमा रही थी मैंने उस के मम्मे पीने शुरू किए उससे मज़ा आने लगा, अब मैं उसकी चूत पर उंगली फ़िराने लग गया…..

उधर से सिमरन ज़ोर ज़ोर से मेरे लौड़े पर झटके मार रही थी और आवाजें निकाल रही थी आ आआआ आआआआःह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह आआः मर गई थोड़े देर में ही वो झड़ गई और मेरी बगल में आकर लेट गई। मैं ज्योति की चूत चाट रहा था, उसकी चूत बहुत स्वादिष्ट थी, मज़ा आ रहा था, पूरी टाईट थी … मेरी जीभ से भी उसे मज़ा अ रहा था, वो चूतड़ हिला हिला कर चटवा रही थी।

मैंने उसे थोड़े समय बाद घोड़ी बनाया और अब सिमरन फ़िर से मूड में आ गई थी, वो भी साथ में डोगी स्टाइल में आ गई मैंने पहले ज्योति की चूत पर थोड़ा थूक लगाया और अपना लौड़ा उस की चूत पर रखा, थोड़ा सा झटका दिया, उस की चीख निकल गई, उसकी चूत से खून निकलने लग गया। वो रोने लग गई। मैं थोड़ा रुका फ़िर मैंने थोड़ा झटका मारा और उस के बूब्स पकड़ लिए और दबाने लग गया उससे मज़ा आने लगा। मैंने अपने झटकों को बढ़ा कर पूरा लौड़ा अंदर डाल दिया. वो मज़े से अपनी गाण्ड हिलाने लग गई।

थोड़े समय बाद मैंने सिमरन की गांड पर अपना लौड़ा टिकाया, और अंदर झटका मारा, एक झटके में ही वो मेरा लौड़ा अंदर ले गई, मैंने खूब दबा के अंदर झटके मारे, वोह मर गई …. आ आआ आआ आआःह्ह्ह्ह् मर गई बोलती रही और मैं पूरे ज़ोर से चोदता रहा…

अब ज्योति भी सीधी हो कर लेट गई। मैंने सिमरन की गांड के बाद ज्योति की चूत में डाला और उसे भी फ़िर से दबा के बजाया। अब मेरा आने वाला था। वो दोनों भी झड़ने वाली थी अब दोनों को बेड के कोने पर डोगी स्टाइल में किया। एक बार एक की चूत फ़िर दूसरी की चूत, दोनों की चूत मारी ..

अब ज्योति की चूत एक दम कस गई और वो झड़ गई, सिमरन ने फ़िर से अपनी टांगों के ऊपर बिठा कर चुदाया। अब वो खुद हिल रही थी अह्ह्ह्छ …….. आआआह ……….अह्ह्ह्ह दोनों मज़े मार रहे थे, ज्योति मेरे होंटों पर किस कर रही थी, सिमरन मेरे ऊपर झटके मारते मारते झड़ गई ..

मैं खड़ा हुआ। मेरा लोड़ा पूरा तना हुआ था, दोनों चूसने लग गई .. थोड़ी देर बाद मेरे लौड़े ने पिचकारी मारी और मैंने दोनों के मुँह भर दिए…. दोनों मज़े से मेरे लौड़े का जूस पी गई। फ़िर हम तीनो नंगे सो गए।

यह था मेरा पहला सेक्स!

मुझे मेल करें_

दीदी का राज़

July 27th, 2010

दीदी का राज़

आज मैं एक कहानी कहने जा रही हूँ जो बिल्कुल सच्ची है।

मेरा नाम शिखा है, उमर २२ साल, कद लम्बा, करीब ५ फ़ुट ३ इंच, रंग गोरा, बटाला और मैं अंग्रेज़ी से एम ए में पहले साल में हूँ और मेरी बहिन ऋचा उम्र २३ साल कद मुझ से थोड़ा छोटा ५ फ़ुट, मुझ से एक साल बड़ी है और वह मुंबई में कॉल सेण्टर में नौकरी करती है।

आज जो बात लिखने जा रही हूँ मुझ को बताते हुए बड़ी शर्म आ रही है।

बात आज से एक महीने पहले की है।

मेरी बहन एक महीने पहले ऑफिस से छुट्टी लेकर आई हुई थी। जब हम दोनों सो रहे थे तो दीदी के मोबाइल पर रात के करीब १०:३० बजे एक मिस्ड कॉल आई। तब दीदी ने कॉल देखी और उसी नंबर पर कॉल कर के बात करने लगी कि अभी तो मुझ को मासिक-धर्म ठीक से हुआ है अगर जरुरत पड़ी तो गोली ले लूँगी।

मैने पूछा- क्या बात है दीदी ऐसी बातें आप किस से कर रही हो?

दीदी- कुछ नहीं ! तू सो आराम से !

बस इतनी बात कर मैं भी सो गई।

अगले दिन हमारा चाचे का बेटा, नाम रोहन, उम्र २७ साल, कद ५ फुट ७ इंच, रंग सांवला अपनी नौकरी के सिलसिले में आया हुआ था। वह अब एक अच्छा डॉक्टर बन चुका था और एक सरकारी नौकरी पाने के लिए इंटरव्यू देने आया था। वह हम सबसे मिलने सुबह करीब ११ बजे आया।

नमस्ते ताया जी ! नमस्ते ताई जी ! क्या हाल है ? रोहन ने मम्मी पापा को बड़े जोश से पूछा।

बिलकुल ठीक है पुत्तर – दोनों ने कहा।

शिखा और ऋचा कहाँ पर हैं ?

मेरी मम्मी ने कहा- बेटा, अपने कमरे में होंगी, जा के देख ले, अच्छा बाकी सब बता, सब ठीक है? तेरी इंटरव्यू कैसी हुई? मैन्नू तेरी माँ दा फ़ोन आया सी, ताँ तो पता चला कि तू आ रहा है।

ओह ! ओह ! इतने सारे सवाल ! पहले शिखा और ऋचा से तो मिल लूं !

यह कहता हुआ रोहन हमारे कमरे में बिना दरवाज़ा खटकाए घुस आया।

मैं आगे खड़ी थी और वह एकदम से गले लग गया और जोर से उसने मेरे बूब्स को अपनी छाती साथ लगाया। एकदम से मेरे बदन में करंट दौड़ गया, मैंने एकदम से उसको अपने से पीछे हटाया- क्या कर रहे हो रोहन ?

ओह ! सॉरी मैं भूल गया था कि तुम जवान हो गई हो !

फिर वह दीदी के पास जाने लगा तो दीदी ने आगे बढ़ कर कर उस के गालों पर चूम लिया।

दीदी बोली- अब ठीक है !

रोहन बोला- मजा आ गया !

इतनी देर मैं मम्मी रोहन के लिए दूध ले कर आ गई।

रोहन बोला- क्या ताई ! यह उम्र क्या दूध पीने की है ? सेब खिलाओ, सेब !

सेब इन दिनों मैं कहाँ से लाऊँ ? मार्केट में बस केले ही मिल रहे हैं – मम्मी बोली रोहन से।

क्या ताई घर में ६ सेब मौजूद हों तो बाहर से खाने की क्या पड़ी है ? – रोहन बोला।

क्या मतलब ? मम्मी ने रोहन से बड़ी हैरानी से पूछा।

ताई दो सेब तो ताया जी चूसते हैं ! दो सेब आपने मुंबई भेज दिये और दो सेब यहाँ पर हैं वोह मुझ को दे दो !- रोहन मम्मी से बोला।

मुझ को तेरा मतलब समझ नहीं आया ? मम्मी ने रोहन को पूछा।

क्या ताई आप भी बड़ी भोली बनती हो?- रोहन आगे बढ़ा और मम्मी के ब्लाऊज़ के अन्दर देखने लगा।

क्योंकि मम्मी ने गहरे गले वाला ब्लाऊज़ पहन रखा था और जिसके अन्दर से मम्मी की ब्रा साफ़ साफ़ दिख रही थी और मम्मी के बूब्स आधे नंगे थे, क्योंकि हमारे घर में कोई लड़का नहीं था तो मम्मी ने भी कभी ऐसा ब्लाऊज़ न पहनने का न सोचा।

तभी मम्मी ने एकदम से ब्लाऊज़ को अपनी साड़ी के पल्लू से ढाका- चल हट ! शरारती कहीं का ! मम्मी ने थोड़ा हंस के और थोड़ा शरमा कर उसको पीछे किया।

तब सारे हँस दिए और बात को ख़त्म कर दिया गया। मगर सच बात यह थी कि उस वक़्त मुझ को रोहन की बात समझ नहीं आई थी, बाकियों को हँसता हुआ देख मैं भी हँस दी, मगर मेरे मन में बात चलती रही कि बात क्या हुई।

इस तरह से एक हफ्ता बीत गया।

फिर उसी तरह से दीदी को रात को करीब १०:३० बजे कॉल आई।

अब ठीक है ! परेशानी की कोई बात नहीं – दीदी ने कहा और फ़ोन काट दिया।

मैंने फिर दीदी से पूछा- क्या बात है?

मगर दीदी ने फिर वही जवाब दिया कि तुम सो जाओ !

मगर मैं सोती कैसे ! मेरे मन में बेचैनी थी कि पता नहीं बात क्या है !

सो मैने भी ठान ली कि आज बात जान कर ही रहूंगी ! मेरे सोचते सोचते २० मिनट निकल गए।

तब मैंने देखा कि दीदी उठी, तब शायद रात के १२:१५ बजे ही थे, कमरे में अँधेरा था, अंधेरे में ही दीदी ने मुझको टटोला कि क्या मैं अच्छी तरह से सो गई हूँ। मगर मैं सोई नहीं थी, मैने तो सिर्फ अपनी आँखें बंद कर रखी थी।

मैंने ध्यान से देखा की दीदी ने तब अपनी नाईटी उतार दी और फिर अपनी ब्रा और पैंटी भी उतार दी। अब वह पूरी तरह से नंगी थी और फिर उसने हमारे कमरे को अन्दर से लॉक कर दिया, फिर वह हमारे बेड पर आ गई, फिर उसने अपना मोबाइल उठाया और कुछ देखने लग गई।

मोबाइल की रोशनी से दिख रहा था कि दीदी पूरी तरह से नंगी हुई हुई थी, यह देख मुझसे रहा नहीं जा रहा था, मगर उठती कैसे, क्योंकि मैंने दीदी को इस अवस्था में पहली बार देखा था। दीदी ने अपना मुँह मेरे से उल्टी तरफ किया और अब दीदी की नंगी पीठ मेरी तरफ थी। मेरे मन में उत्तेज़ना थी कि क्या हो रहा है !

तब मैने बड़ी मुश्किल से हिम्मत जुटाई और देखा कि मोबाइल में क्या चल रहा है !

वह देख मैं तो दंग रह गई- मोबाइल में लड़कों और लड़कियों की नंगी तस्वीरें थी। तब दीदी की नज़र मुझ पर पड़ी और एकदम से घबरा गई। फिर हम दोनों में १ मिनट की चुप्पी छाई रही और फिर दीदी एकदम से मेरे ऊपर चढ़ गई और मेरे नाईट-गाऊन के सारे बटन खोल दिए। दीदी जानती थी कि मैं रात को ब्रा और पैंटी नहीं पहनती क्योंकि मुझ को रात को इससे बड़ा आराम मिलता है।

अब मैं और मेरी दीदी पूरी तरह से नंगे थे और दीदी मेरे ऊपर थी। मुझे बहुत अजीब सा और अच्छा भी लग रहा था।

फिर दीदी ने मेरे बाएँ स्तन को चूसना शुरू किया।

ओह ! मैंने कहा- दीदी यह क्या कर रही हो?

क्यों मजा नहीं आ रहा ? दीदी ने मुझ से पूछा।

अब मैं उसको ना , ना कह सकी ! असल में मजा तो आ रहा था। मैं चुप रही।

फिर क्या था, उसने अपने होंट मेरे होंटों पर रख दिए और चूसने लगी।

बहुत मजा आ रहा था। दीदी ने फिर मेरे बूब्स को चाटा, फिर उनको चूसा !

फिर मेरे पेट को अपनी जीभ से साफ़ किया, फिर वह नीचे बढ़ी और मेरी घुटनों से पकड़ कर मेरी टाँगें खोल दी।

यह क्या ? बड़े बाल हैं साफ़ नहीं करती क्या ? उफ़ ! – दीदी ने कहा।

“सारा मजा खराब कर दिया !” फिर से कहा दीदी ने !

फिर दीदी रुकी और मेरे साइड पर बैठ गई और बोली, ” यार तेरे सेब बहुत मीठे हैं, तुझको मेरे कैसे लगे ?

मैंने उसको बड़ी हरानी से देखा,” अरे ! तेरे बूब्स तेरे सेब हैं ! रोहन इन सेबों की बात कर रहा था ! अरे यार, मम्मी के सेब रोज पापा चूसते हैं। इस उम्र में तुझको पता होना चाहिये। इस लिए तो रोज उन को कमरा बंद होता है। और तू फ़ोन कॉल की बात पूछ रही थी तो सुन मेरे से एक गलती हो गई, मैं भी अपने सेब चुसवा चुकी हूँ !”

यह कह कर उस ने मेरी तरफ देखा- हां, मैं जानती हूँ कि तुझ को यह बात सुन कर अजीब लग रहा होगा, मगर मैं सच कहूं तो मैं यह करना नहीं चाहती थी, बस हो गया ! दीदी ने कहा।

मगर हुआ कैसे ? मैने पूछा।

“मेरे ऑफिस में एक मेरा दोस्त है सुमित, मुझ को काफी अच्छा लगता है, फिर हम दोनों में दोस्ती हो गई।

फिर इक दिन १४ फरवरी को उसने मुझ को काफ़ी पीने के लिए आमंत्रित किया। हम एक रेस्तरां में चले गए। वहाँ पर जा के देखा कि वह अपना पर्स घर पर भूल आया है। मैने पैसे देने के लिए कहा, मगर वह माना नहीं इसलिए वह मुझ को पर्स लाने के बहाने से अपनी घर ले गया।

मगर जब घर के अन्दर गई तो पता लगा कि वह अकेला है। यह देख मुझको घबराहट हुई, उसने कहा कि घबराओ मत ! यह कह कर वह मुझको अपने कमरे में ले गया और कहा कि वह मेरे लिए पीने के लिए पानी लाता है। वह बाहर गया तब मैं कमरे में अकेली थी।

मैंने देखा कि उसके बेड पर नंगी तस्वीरों वाली मैगजीन थी। अभी मैं उसको देख ही रही थी कि वह पीछे से आ गया !” दीदी ने कहा।

फिर क्या हुआ ? मैंने दीदी से पूछा।

फिर क्या ? फिर उसने मुँह से सीधा-सीधा पूछ लिया,”क्या तुम मेरे साथ सेक्स करोगी? मैं वायदा करता हूँ कि यह बात मैं किसी से नहीं कहूंगा और तुमसे ही शादी करूंगा।”- दीदी ने कहा।

फिर ? उस के बाद क्या हुआ दीदी ?- मैंने पूछा।

सच कहूं तो उस वक्त तो मैं पूरी तरह से गरम थी और मैं उसके साथ सेक्स करना चाहती थी। मैंने उसको कुछ ना कहा मगर वह मेरे मन की बात समझ गया। तब मैंने उसके साथ सेक्स किया… वाह ! …… कितना मज़ा था उसमें ! … क्या आग थी !”

“अब मुझको यह तो नहीं पता कि वही तेरा जीजू बनता है या नहीं ! लेकिन मुझसे गलती तो हुई है !” दीदी ने कहा।

चल छोड़ उसको हम अपना मजा करते हैं – फिर से दीदी ने कहा।

फिर वह उठी, मेरे ऊपर पहले चद्दर दी और मुझ को इन्तज़ार करने के लिए कहा। फिर दीदी ने मेरा नाईट गाऊन पहना और फ़्रिज से बर्फ ले आई और कमरा बंद कर फिर से पूरी नंगी हो गई और मेरी चद्दर भी उतार दी।

अब हम दोनों फिर से नंगे थे !

फिर दीदी ने मेरी टाँगें खोली और मेरे चूत पर बर्फ मली।

उफ़ ! मैंने कहा।

क्या हुआ ? दीदी ने पूछा।

कुछ नहीं ! अच्छा लगा ! मैंने कहा और मैं हंस पड़ी।

मेरी बहन जवान हो गई है ! अगर मन करे तो अपनी सेब रोहन से चुसवा लियो ! अच्छा लड़का है ! दीदी ने कहा।

फिर हमने काफ़ी मस्ती की और कपड़े पहन कर सो गए।

मैं आज भी उस दिन को नहीं भूल पाई जिस दिन दीदी ने मुझ को अपना राज बताया और मुझ को भी बड़ा मजा दिया।

मैं यह मजा फिर से लेना चाहती हूँ।

आजकल रोहन बहुत याद आता है।

आप ही बताओ कि उस साथ करुँ या नहीं !

और जो मजा मैंने दीदी साथ लिया किसके साथ लूँ ?

कृपया मुझे अपना सुझाव भेजें !

सोनम की गलती से चुदाई

July 27th, 2010

सोनम की गलती से चुदाई

लेखक :SEXY BOY

सब को मेरा नमस्कार !

‘पवन की बीवी को चोदा’ इस कहानी के बाद बस मेरे दोस्त सी. पी साथ हुई कहानी :

सीपी मेरा दोस्त है उसका नाम चन्द्रप्रकाश है। वो औरतों के कपड़े बनाता है, उसका काम औरतों के कपडे सीने का काम है। सीपी एक अच्छा लड़का है। वो सिर्फ अपने काम से मतलब रखता है। उसने बहुत सारी औरतों और लड़कियों के कपडे बनाये। सीपी कभी गलत नहीं सोचता है। सीपी कभी किसी औरत या लड़की के घर कपड़ों का नाप लेने नहीं जाता है, सभी उसकी दुकान पर आती हैं।

मैं कभी कभी सीपी की दुकान में जाता और जब सीपी औरतों के नाप लेता तो मेरी नजर औरतों के वक्ष पर जाती है। सीपी फिर मुझे डाँटता है और बोलता है- आदमी को अपने काम में गलत विचार नहीं लाना चहिए, नहीं तो वो कभी भी काम नहीं कर सकता है।

कुछ दिन पहले की बात है, मैं और पवन और सीपी साथ में बैठ कर चाय पी रहे थे और सीपी कुछ भी नहीं बोल पा रहा था। हमने पूछा- सीपी, क्या हुआ? आजकल तुम परेशान दिख रहे हो और ज्यादा मन लगाकर काम भी नहीं कर रहो हो?

सीपी कुछ नहीं बोला और उसकी आँख से आँसू आने लगे।

फिर मैंने पूछा- सीपी, तुझे अपनी दोस्ती की कसम है, जल्दी बोल, क्या हुआ?

फिर सीपी खामोश रहा और फिर थोड़ी देर बाद बोला- यार ! मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई है और अब मैं यह काम भी नहीं कर सकता हूँ।

मैंने बोला- मुझे साफ-साफ बता कि क्या हुआ !

सीपी ने सारी बात बताई।

कुछ १०-१५ दिन पहले एक लड़की, उसका नाम सोनम है, आई और बोली- मुझे मेरे माप के कपड़े बना के दो !

वो लड़की इतनी सुन्दर थी कि पहले मैंने ऐसी लड़की पहले नहीं देखी थी क्योँकि मेरे यहाँ ज्यादातर औरतें आती हैं। वो अपने पापा के साथ आई थी। उसके पापा बैठ गये और फोन से बात करने लगे। मैं उसका माप ले रहा था, मैंने उसे छुआ तो वो लडकी मचल चुकी थी, वो बोली- पहली बार मुझे किसी लड़के ने छुआ है। पहले मेरे कपड़े औरतें ही बनाती थी।

और फिर और माप लिया और उसके स्तनों को छुआ तो वो लड़की कुछ अलग महसूस कर रही थी। फिर उसके नीचे का माप लिया तो वो लड़की कुछ अगल नजर से देख रही थी। फिर वो उसके पापा के साथ चली गई। मुझे वो लड़की अच्छी लगी थी पर मैं अपनी पत्नी से ही प्यार करता हूँ।

दो तीन दिन बाद सोनम का फोन आया- मुझे शादी में जाना है, कृपा करके आप मेरे घर पर आकर मेरा माप ले लें !

पता नहीं क्या हुआ, मैं कभी किसी के घर पर माप लेने नहीं जाता हूँ पर मैं उसके घर गया।

उसने मुझे ठंडा पिलाया और मेरा पूरा शरीर ठंडा हो गया। फिर उसके पापा किसी काम के सिलसिले में बाहर चले गये।

अब वो घर पर अकेली थी। मैं उसका माप ले रहा था। पहले उसकी ब्रा का माप लिया तो उसने मुझे पकड़ लिया। मैं बोला- ये गलत है !

फिर मैने उसके नीचे का माप लिया तो वो बोली- पहले का साइज ठीक नहीं था, अच्छे से लो !

फिर उसने अपने सारे कपड़े निकाल दिये। उसका शरीर गोरा था, मैं उसके स्तनों को दबाने लगा।

वो बोली- क्या कर रहो हो? माप लो !

मुझे पता नहीं क्या हुआ, मैं उसकी चूचियाँ मुँह से खा रहा था।

वो बोली- मत करो, छोड़ दो मुझे !

अब नहीं छोड़ सकता हूँ !

मैंने उसकी चूत पर अपना मुँह रखा और चाटने लगा।

फिर उसने अपना हाथ मेरी पैन्ट के अन्दर डाल दिया और बोली- क्या मैं आपका लण्ड मुँह में ले लूँ?

मैंने लण्ड उसके मुँह में डाल दिया और वो चूसने लगी। अब हम दोनों पागल हो चुके थे।

फिर उसने बोला- लण्ड को मेरी चूत में डालो ना !

फिर मेरे लण्ड की प्यास बढ़ गई और मैंने उसकी चूत में लण्ड डाला।

उसके मुँह से आऽऽआ आ की आवाजें आने लगी और बोली- हाय ! डालो ! और जोर जोर से डालो राजा !

फिर मैंने अपना पानी उसके बूब्स पर गिरा दिया। फिर मैंने अपना मुँह धोया और अपनी दुकान पर चला गया।

अब मुझे बस यही लगता है कि मैंने ऐसी गलती क्यों की और अब मैं यह काम नहीं कर सकता !

तो दोस्तो, यह सीपी (चन्द्रप्रकाश) की कहानी थी।

कच्ची कली से फूल बनाया

July 27th, 2010

हाय दोस्तों, मेरा नाम संजय है और मैं राजस्थान का रहने वाला हूँ। मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। मैं भी आपको अपने जीवन की एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ।

मैं एक इंग्लिश की ट्यूशन में पढ़ाता हूँ। मैं २५ साल का एक कुँवारा नौजवान हूँ। मैं दिखने में गोरा और लम्बा हूँ। मैं कुछ समय पहले अपने पड़ोस में रहने वाली दूर के रिश्ते में लगने वाली मौसी की छोटी लड़की, जिसका नाम रम्या था, उसे पढ़ाने मैं हर शाम जाता था। वह अट्ठारह साल की थी और दिखने में ख़ूबसूरत थी, उसकी चूचियाँ अपेक्षाकृत काफी बड़ी थीं, जिन्हें देखकर मेरा लंड खड़ा हो जाता था और उसे चोदने का भी मन करता था। मैं उसके भाई को पढ़ा करक अक्सर कमरे से बाहर आ जाता और रम्या से बातें किया करता था।

मुझे पता ही नहीं चला कि हम दोनों में कब प्यार हो गया और अब हम एक-दूसरे से फोन पर ढेर सारी बातें किया करते थे। रम्या से मैं बातें करते हुए कभी उसके हाथ पकड़ लेता तो कभी उसके गले में हाथ डालकर उसकी चूचियाँ छूता, तो कभी उन्हें दबा भी देता था। लेकिन रम्या इन सब के लिए कुछ भी नहीं कहती थी और मुस्कुरा देती थी। अक्सर उसकी चूचियों की गोलाईयों को छू कर मेरा मन बेक़ाबू हो उठता था। कभी-कभी मैं उसकी चूचियों को उसके कपड़ों से बाहर निकाल कर देर तक चूसता रहता था, तो कभी उसके कुर्ते में अपना हाथ डाल कर ब्रा के ऊपर से ही तो कभी अन्दर हाथ डालकर उन्हें दबाता था। कभी तो उसकी चूत में अपनी ऊँगली डालकर रम्या की सिसकियाँ निकाल देता था। सच दोस्तों, उन हसीन पलों को मैं कबी नहीं भूल सकता हूँ। रम्या एक कच्ची कली थी जिसका मैं मज़ा ले रहा था।

एक दिन सुबह जब मैं अपने घर से बाहर किसी काम से बाहर गया था तो मेरे पास रम्या का फोन आया और वह कहने लगी कि आज उनके घर पर कोई भी नहीं है और वह नहाने जा रही है। यह सुनकर मेरे मन में रम्या के नहाने वाली बात को सुनकर उसकी नंगी तस्वीर नज़र आने लगी और मैं उसे चोदने का विचार बनाने लगा।

मैंने सोचा कि आज मौक़ा है, पता नहीं कब मिले। मैं तुरन्त ही अपने काम को खत्म करके रम्या के घर रवाना हो गया। जब मैं रम्या के घर पहुँचा तो घर में उसकी सहेली थी। मैंने उससे पूछा कि रम्या कहाँ है तो उसने कहा कि वह तो बाथरूम में नहा रही है। यह सुनकर मेरा लंड और भी तेज़ी से खड़ा हो गया और मन ही मन उसके चोदने के ख्याली पुलाव बनाने लगा। मैंने रम्या की सहेली से कहा कि मैं तो घर जा रहा हूँ। यह कह मैं उसके घर से बाहर आ गया और क़रीब पाँच मिनट बाद मैं वापस गया तो रम्या की सहेली कमरे में थी और मैं चुपचाप बाथरूम में चला गया। वहाँ मैंने देखा कि रम्या बिल्कुल नंगी थी, उसने केवल पैन्टी ही पहनी थी और उसके चेहरे पर साबुन लगा था।

उसका नंगा बदन देखकर मैं दंग रह गया। उसकी चूचियाँ इस तरह मेरे सामने थीं कि मानो मुझे अपनी वासना बुझाने के लिए आमन्त्रित कर रहीं हों। मैं रम्या के पास जाकर साबुन उठाकर उसके गोरे जिस्म पर मलने लगा। रम्या घबरा गई और फटाफट अपना मुँह धोते हुए पूछने लगी कि कौन है? तो मैंने बताया कि मैं हूँ तेरा यार.. और आज तुझे असली मज़ा दूँगा।

रम्या ने कहा, उसकी सहेली आ जाएगी, तो मैंने कहा कि अगर वह आ गई तो वह भी हमारे साथ इस ज़न्नत का मज़ा ले लेगी। यह कहते हुए मैंने उसकी दोनों चूचियों को पकड़ लिया और होंठों को पागलों की भाँति चूमने लगा। फिर उसकी चूचियों को बारी-बारी से चूसने लगा। रम्या की चूचियाँ छोटी थीं लेकिन उन्हें दबाने-चूसने में बड़ा मज़ा आ रहा था। अब रम्या धीरे-धीरे गरम हो रही थी। उसने अपने ही हाथों से अपनी पैन्टी हटा दी और मेरे सिर को पकड़कर अपनी चूत चटवान लगी और कहने लगी – “चाटो… आआआहहहहहह… आआआआहहहह…. शशशस्स्ससस्सस….”

मैं अपनी जीभ से उसकी चूत को चाट रहा था। कभी उसकी जाँघों को चाटता तो कभी उसकी चूत में ऊँगली अन्दर-बाहर करता। उसकी चूत पर छोटे-छोटे बाल थे. वह मेरे सिर को पकड़कर अपनी चूत इस तरह से चटवा रही थी कि मानों उसका बस चले तो मेरा सिर चूत के अन्दर ही डाल दे।

अब मेरा लण्ड भी बाहर आने को तड़प रहा था और अपने बिल में घुसने को बेक़रार था। मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए और अपना लंड रम्या के हाथ में दे दिया और चूसने के लिए कहा तो रम्या शरमाने लगी। मैंने उससे कहा कि तुम इसे मस्त करोगी तभी ये तुम्हें पूरा-पूरा मज़ा देगा। तब रम्या ने मेरा लण्ड चूसना शुरु किया। थोड़ी ही देर बाद मैंने रम्या को फर्श पर लिटाकर उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया। वह दर्द के मारे चिल्ला पड़ी। उसे काफ़ी दर्द हो रहा था। वह लंड निकालने को कहने लगी। लेकिन मैं कहाँ मानने वाला था, मैं उसकी चूचियों को पकड़कर उसके होंठों को चूमने लगा और धीरे-धीरे अपना लंड उसकी चूत में अन्दर-बाहर करने लगा। थोड़ी ही देर बाद मेरा लंड आधे से ज्यादा रम्या की चूत के अन्दर चला गया। उसे भी पूरा मज़ा आने लगा।

मैं बीच-बीच में रम्या की चूचियाँ भी चूस रहा था। बाद में मैंने रम्या को दीवार के सहारे खड़ा करके पीछे से उसकी चूचियाँ पकड़कर उसकी चूत में पीछे से लण्ड डाल दिया। अब मैं उसकी ज़ोरों से चुदाई कर रहा था। इस मस्ती में हम भूल ही गए थे कि उसकी सहेली भी पास वाले कमरे में ही है।

रम्या को चोदते हुए मेरे हाथ कभी उसकी चूचियों तो कभी उसकी चूत को सहला देते थे। इस बीच रम्या झड़ चुकी थी। मैं भी क़रीब बीस मिनट बाद झड़ गया और अपना सारा माल रम्या के मुँह में डाल दिया।

तभी रम्या की सहेली की आवाज़ आई कि वह घर जा रही है। यह सुनकर हम दोनों खुशी से झूम उठे। हम दोनों काफी देर तक साथ रहे, नहाया और बाद में उसे अपनी बाँहों में उठाकर कमरे में बिस्तर पर लिटा दिया। वहाँ जाकर रम्या मेरे लंड चूसने लगी, तभी मुझे एक ब्लू-फिल्म का एक दृश्य याद आया जिसमें पुरुष अपने लंड को लड़की की चूचियों के बीच की दरार में रखकर उसे आगे-पीछे करता है। मैंने भी ठीक उसकी तरह रम्या की चूचियों के बीच में अपना लंड रखकर उसे आगे-पीछे किया और बहुत देर तक उसकी चूचियों से खेलता रहा। उस दिन मैंने रम्या को पाँच बार चोदा।

उस कच्ची कली को फूल बना कर मैं उसे ‘आई लव यू’ कहकर अपने घर वापिस आ गया।

तो दोस्तों, आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी, अपने विचार मुझे मेल करें।

भाई और बहन २

May 15th, 2010

कैसे है आप सब? एक बार फ़िर से आरज़ू अपनी अधूरी कहानी पूरी करने आप सबके सामने हाज़िर है मेरी कहानी का पहला भाग जिसका टाइटल था ‘भाई और बहन’ पिछली बार आप सबने पढ़ा होगा और सो हाज़िर है भाई और मैं का पार्ट २ उस दिन छत पर जब हम दोनो चुदायी लीला कर रहे थे तब ही मेरी मुमानी की बड़ी लड़की अफ़रोज़ छत पर आ गयी थी और चुपके से छुप कर हमारी बातें सुन रही थी और देख भी रही थी

भाई ने मुझे बाहों में भर लिया और अपना तना हुआ लंड मेरी चूत से रगड़ने लगे मैं अफ़रोज़ को दिखाने के लिये मादक सिसकियां निकाल रही थी मुंह से आआयययीई भाई जान बहुत गुदगुदी हो रही है आआह्हह प्लीज़ अब घुसा दीजिये अपना लंड मेरी चूत में और मैने अपने दोनो हाथ से भाई का लंड पकड़ लिया और मसलने लगी भाई भी अफ़रोज़ को दखाने के लिये ज़ोर ज़ोर से कराह रहे थे ताकि इसकी चूत में भी खुजली होने लगे और वो भाई की टांगों के नीचे खुद ब खुद चूत फ़ैला कर पसर जाये अब उन्होनें अपने हाथ से मेरी चूत को फ़ैलाया और अपने लौड़े का मुहाना मेरी चूत पर रख कर मुझसे धीरे से बोले देखो इस तरह की एक्टिंग करना कि अफ़रोज़ पूरी तरह से चुदासी हो जाये पता है कि तुम्हारी चूत ढीली हो चुकी है मगर फ़िर भी नाटक करना कुंवारी होने का

इतना कहकर भाई ने जरा सा लंड ही अंदर ठेला था कि मैं चिल्ला पड़ी आआह्हह्हह भैईईइ बहुत दर्द कर रहा है प्लीज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ आहिस्ता आहिस्ता कीजिये आराम से भाई ने अपने होठों में मेरी चूची भर ली और चूसने लगे और एक धक्का और मारा और इस बार उनका करीब ५” लंड अंदर समा गया मैने उनकी कमर जोर से पकड़ ली और अपनी दोनो टांगे उनकी पीठ से किसी कैंची की तरह फ़ंसा ली और अपने चूतड़ को उपर की तरफ़ उछालने लगी आआआआह्हह्हह्ह भाई बहुत मज़ा आ रहा है अब तो घुसा दीजिये अपना पूरा बाकी का बचा हुआ लंड भी अययययीईईई आआअह्हह्हह कसम से जवानी में चुदवाने का मज़ा ही अलग है ये सब मैं अफ़रोज़ को सुनाने के लिये कह रही थी जिसे वो सुन भी रही थी और बहुत मज़े लेकर हम दोनो को देख भी रही थी उसे नहीं पता था कि हम लोग उसे देख चुकें है

तब ही भाई ने अपना पूरा लंड मेरी चूत में जोरदार धक्के के साथ घुसेड़ दिया मैं आआआआआययययीईई इस्सस्सस इस्सस्सस्सस अम्मी माआआअर्रर्रर्र डालाआआआअ भैईईईईइ बहुत दर्द हो रहा है आप ज़रा भी तरस नहीं खाते अपनी बहन पर पूरे जल्लाद बन जाते है चोदते वक्त कहीं इतनी जोर से भी धक्का मारा जाता है? और तब ही भाई ने मेरी निप्पल को दांत से दबाते हुए बहुत ही आराम से धक्के मारने लगे अब मैं ऊऊओफ़्फ़फ़्फ़फ़ ऊऊओफ़्फ़फ़्फ़फ़ कर रही थी और अब इस तरह दशा रही थी कि मुझे बहुत मस्ती मिल रही है आअहाआ भाई बहुत मज़ा आ रहा है थोड़ा और जोर से धक्का मारो ना प्लीज़्ज़ज़्ज़ तुमहे अपनी बहन की कसम है आज सारी ताकत झोंक देना मेरी चूत में ज़रा भी तरस ना खाना साली बहुत कुलबुलाती रहती है

फ़िर तो भाई ने धक्को की झड़ी लगा दिया फ़चा – फ़च की आवाज़ निकल रही थी और मैं भी अपने चूतड़ को उछाल रही थी तब ही भाई का लंड झड़ने के करीब आया और भाई ने कहा आरज़ू अब मैं झड़ने वाला हूँ तुम्हारी क्या पोसिशन है तब मैने कहा क्या बात है आज आप मुझसे पहले डिस्चार्ज हो रहे है वरना तो मेरा पानी २ बार निकलता था तब कहीं आप झड़ते थे? भाई ने कहा बहुत दिन बाद आज चुदायी कर रहा हूँ ना इसलिये ऐसा हो रहा है क्या बतायें वहां घर की बात ही और थी यहां तो साला मौका ही नहीं मिलता है तब मैने कहा यहां किसका डर है?

भाई ने कहा कहीं मुम्मानी की लड़कियां न देख ले या मामुजान को पता न चल जाये अब हम लोग काम की बात पर आये थे तब मैने भाई से कहा भाई अफ़रोज़ भी तो जवान है उसका भी तो मन करता होगा अपनी जवानी का मज़ा लेने का रही मुमानी की बात तो उनको तो मैं अकसर मामु जान से चुदाते हुए देखती हूँ वो अब भी टांगे उठा उठा कर बहुत मज़े से चुदवाती हैं मामुजान से और मामु जान भी कम नहीं है बहुत दम है उनके लौड़े में इस उमर में भी थका डालते है मुमानी को उस दिन तो मैने देखा कि वो मुमानी की गांड मार रहे थे और मुमानी चिल्ला रही थी भाई ने बड़ी हैरत से पूछा अच्छा मामूजान भी गांड मारते है सकल से तो बहुत सरीफ़ नज़र आते है तब मैने कहा भाई पता है मैने मुम्मानी की बातें भी सुनी थी वो कह रही थी मामु से अब आप में पहले की तरह मज़बूती नहीं रह गयी पहले तो सारी रात ही पड़े रहते थे मेरी ओखली में अपना मूसल डाले अब पता नहीं क्या हो गया है आपको तब मामू ने कहा क्या बतायेनं बेगम अब बच्चियां जवान हो गयी है डर लगा रहता है कहीं हम दोनो की चुदायी देख कर बहक ना जायें तब मुमानी ने कहा अरे वो अपने रूम में सो रही है तुम उनकी फ़िकर क्यूं करते हो जम कर मारो आज मेरी गांड और फ़िर मामू ने बहुत जोरदार गांड चोदी थी मुम्मानी की

मुझे तो अफ़रोज़ और आज़रा पर तरस आता है कि बेचारी इतनी कातिल जवानी लेकर भी प्यासी है तब भाई ने कहा क्या किया जा सकता है तब मैने कहा भाई अगर अफ़रोज़ तुमसे चोदने को कहे तो क्या तुम चोदोगे उसे तब भाई ने कहा हां क्यूं नहीं कहीं न कहीं तो वो अपनी चूत की प्यास बुझायेगी ही तब घर में ही क्यूं नहीं अम्मी का कहना भी यही है कि चुदायी की पहल हमेशा घर से ही करनी चाहिये तभी तो मैं हमेशा तुम्हारा ख्याल रखता हूँ तभी मैं भी झड़ने के करीब आ गयी और भाई से कहा अब बातें बाद में चोदना मैं झड़ रही हूँ पहले मुझे सम्भालो भाई बातें भूल कर फ़िर से मुझे चोदने लगे और मैं झड़कर एक तरफ़ लेट गयी

मैने भाई से कहा भाई मैं अफ़रोज़ से बात करुंगी हो सकता है काम बन जाये बेचारी को तरसना ना पड़े और फ़िर धीरे से दरवाज़े की तरफ़ देखा तो अफ़रोज़ नीचे जा चुकी थी तब ही मैने हंस कर कहा साले बहुत मज़ेदार नाटकबाज़ हो तुम खूब जोरदार चुदायी का नाटक करते हो तब भाई ने कहा साली रण्डी तू भी किसी कुतिया से कम नहीं है ऐसे चिल्ला रही थी जैसे पहली बार मरवा रही हो चूत अच्छा ये बताओ क्या कहती हो अब क्या अफ़रोज़ की चूत में खलबली हुई होगी? तब मैने कहा १०० % खलबली हुई होगी अरे तुम्हारा हलब्बी लंड देखकर अफ़्फ़ो क्या उसकी तो अम्मी भी अपनी चूत पसार देगी तुम्हारे आगे ये तो अच्छा ही हुआ कि उसने हमारी चुदायी देख ली अब मुझे ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी काम आसान हो गया है साली खुद ही राज़ी हो जायेगी

तब भाई ने कहा ये तो अच्छा हुआ कि अफ़रोज़ ही आयी थी अगर कहीं मामु जान आय होते तो क्या होता? मैने कहा तुम्हारा क्या होता जो होता मेरा होता वो अपना बम पिलाट लंड लेकर आ जाते और मेरी खुली चूत में डाल देते हालत मेरी खराब होती तब भाई ने कहा हालत क्यूं खराब होती मेरी जान तुम्हे तो मैं इतना एक्सपर्ट कर चुका हूँ कि तुम तो ४ लंड एक साथ अपनी चूत में ले चुकी हो फ़िर भला मामू किस खेत की मूली हैं मैने कहा साले मूली नहीं पूरा बांस है उनका लंड मैने देखा है कितना लम्बा है अगर तेरी गांड में डाल दे तो बरदास्त नहीं कर पायेगा बातें चोद रहा है

तब भाई ने हंसते हुए कहा अच्छा अच्छा मेरी छिनाल बहन अब कपड़े पहन लो क्योंकि मामू को तो तुम्हारी चूत झेल लेगी अगर कहीं अफ़रोज़ अपनी अम्मी और बहन दोनो के साथ आ गयी तो मेरा लंड अभी इस हालत में नहीं है कि मैं उन तीनो को एक साथ झेल जाउं तब मैने कहा सिर्फ़ ३ क्यों मुझे नहीं गिन रहे हो? चारों को चोदना पड़ेगा तुम्हे और ये कह कर मैं हसने लगी और भाई भी हसने लगे मैने पहले वहीं छत की नाली पर जाकर पेशाब किया तो भाई भी वहीं खड़े हो कर मूतने लगा तब मैने कहा यार आराम से बैठ कर मूतो अभी अभी नहा कर आयी हूँ तुम्हारी छींटें आ रही है तब भाई भी वहीं बैठ कर मूतने लगा हम दोनो ने साथ में मूतकर अपने अपने कपड़े पहने वह तो पूरे कपड़े पहन कर नीचे चला गया

पर चूंकि मैं सिर्फ़ टोवल में थी और अब तक नीचे मामूजान आ चुके थे तो मैने अफ़रोज़ को अवाज़ दी कि मेरे कपड़े लेकर उपर चली आये और जब अफ़्फ़ो उपर आयी तो मुझे देख कर शरमा रही थी मैं समझ रही थी कि ये साली क्यूं शरमा रही है उसकी आंखें अभी भी गुलाबी हो रही थी और होंठ थरथरा रहे थे वो कांपते हाथों से मुझे कपड़े देकर नीचे जाने लगी तो मैने कहा जरा रुको मैं भी चेंज कर लूं तो साथ साथ चलते हैं और उसके सामने मैने टोवल वहीं उतार दी वो बहुत गौर से मेरे दोनो बूब्स देखने लगी जो उसकी चूची से काफ़ी बड़े थे और मेरी बुर को भी अज़ीब नज़रों से निहार रही थी तब मैने उसकी जम्पर के उपर से हाथ रखते हुए कहा क्या देख रही हो इतने गौर से?

वो घबरा गयी पर खामोश रही मैं उसकी चूची पर थोड़ा सा जोर देकर फ़िर से बोली आखिर देख क्या रही थी तुम? जो मेरे पास है वो तुम्हारे पास भी तो है तब उसने झिझकते हुए कहा पर आपा आपकी तो हमसे बहुत बड़ी है? मैने कहा बतायेगी भी क्या? तब उसने मेरी चूची पर हाथ रख कर कहा ये मुझे हंसी आ गयी उसके भोलेपन पे मैने कहा नाम नहीं पता है इसका?

उसने शरमाते हुए कहा दुधू है तब तो मुझे बहुत जोरदार हंसि आयी फ़िर मैने उसकी चूची को कपड़े के उपर से ही जोर से दबा कर कहा धत्त बेवकूफ़ लड़की दुधू नहीं चूची कहते है इसे इतनी बड़ी हो गयी है अभी तक नाम नहीं पता क्या देखती है तु टीवी वगैरह में तब उसने कहा आपा यहां कहां टीवी देखने देते है अब्बु जी उंहें तो सिर्फ़ न्युज़ ही पसंद है मेरा चूची मसलना उसे शायद अच्छा लग रहा था वो कुछ बोल नहीं रही थी और मैं अपना काम कर रही थी मैने कहा मैं तेरी चूची सहला रही हूँ तो कैसा लग रहा है? उसने शरमाते हुए कहा अच्छा लग रहा है तब मैने कहा अभी तो कपड़े के उपर से ही मसल रही हूँ अगर पूरी नंगी होकर चूची दबवाओगी तो बहुत मज़ा आयेगा

अब वो थोड़ी थोड़ी खुल रही थी और अपने हाथ धीरे से मेरी चूची पर रखते हुए बोली आपा आपकी चूची इतनी बड़ी कैसे हो गयी जबकि आपकी उमर भी मेरे बराबर ही है तब मैने कहा ये सब मेरे अब्बु और भाई की करतूत है तब उसने चौंकते हुए पूछा क्या मतलब? तब मैने कहा मेरी नन्ही जान जब जवानी की प्यास लगती है तब चुदवाने का मन करता है और जब घर में लंड मौजूद हो तो बाहर का रुख नहीं करना चाहिये ज़माना बड़ा खराब चल रहा है हमारी अम्मी का कहना है भले ही घर में चुदवा लो पर बाहर वालों से नहीं क्योंकि साला आजकल एड्स का बहुत लफ़ड़ा है मेरे मुंह से चूत और लंड की बात सुनकर उसका मुंह खुला का खुला ही रह गया वो बोली हाय आपा आप कैसे गंदी बात करती हो? आपको शरम नहीं आती तब मैने कहा जो लड़की अपने भाई और अब्बु से चुदवा चुकी हो वो भी अपनी अम्मी के सामने उसे शरम कहां आयेगी शरम तो तुझ ऐसे कुंवारी कमसिन छोकरियों को आती है

अब देख तु भी मज़े लेना चाहती है पर शरमा भी रही है अगर तू शरमा न रही होती तो तुझे थोड़ा सा मज़ा तो मैं ही दे देती उसे लाइन पर लाने की गरज़ से मैने कहा तो वो एकदम से बोली कहां शरमा रही हूँ आपा आप दबाइये न मेरी चूची बहुत मज़ा आ रहा है मुझे प्लीज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ दबाइये न मैं समझ गयी अब साली भाई से चुदवा लेगी और मैने उसकी समीज़ भी उतार दी उसकी छोटी छोटी संतरे की तरह चूची एकदम टाइट थी और उसके निप्पल तने हुए थे मुझे उसकी चूची देखकर अपनी पुरानी चूचियों की याद आ गयी जब मेरी चूची भी कड़ी हुअ करती थी एक तरह से मुझे उससे जलन का एहसास होने लगा था मगर मैं उसकी निप्पल को मसलते हुए बोली पता है लड़कियों की जब निप्पल लड़के लोग मसलते है तब उनकी जवानी फ़ड़क उठती है

और फ़िर मैने सोचा कि आज तक मैने कभी किसी लड़की के साथ सेक्स का मज़ा नहीं लिया है क्यों ना आज इसका भी अनुभव कर लिया जाये यही सोच कर उसके हाथ अपनी चूची पर रखे और उससे कहा इन्हें मसल डालो जोर जोर से दबाओ मेरी चूची को वो मेरी चूची दबा रही थी तब ही मैने उसकी सलवार की तरफ़ हाथ बढ़ाया तो उसकी सलवार मुझे भीगी भीगी सी लगी मैं समझ गयी साली अभी थोड़ी देर पहले भाई और मेरी चुदायी का नज़ारा देख कर झड़ी है मैने उसकी बुर को सलवार के उपर से सहलाते हुए कहा ये गीली कैसे है अफ़रोज़?

पहले तो उसने वहां से मेरा हाथ हटाया और फ़िर अपने पैर सिकोड़ते हुए बोली पता नहीं तब मैने उसकी सलवार का जारबंद (नाड़ा) खोलते हुए कहा अभी बताती हूँ ये गीली क्यों है वो अपने दोनो हाथ से मेरा हाथ पकड़ते हुए बोली नहीं आपा मैं नंगी हो जाउंगी प्लीज़्ज़ज़्ज़ज़ इसे मत खोलो मैने हंसते हुए कहा मेरी रानी मुझे देख मैं भी तो नंगी हूँ और उसके जारबंद को खोल डाला उसकी सलवार सरसरा कर पैरो में आ गिरी जिसे मैने निकाल दिया

उसकी बुर पे अभी हल्के हल्के सुनहरे बाल थे जो बहुत खूबसुरत लग रहे थे मुझे इस तरह से अपनी बुर को निहारते देख कर उसने अपने दोनो हाथ से अपनी बुर छुपा ली मैने उसकी दोनो चूची को मसलते हुए एक निप्पल मुंह में भर ली और चुभलाने लगी वो सिसकियां लेने लगी और अपने हाथ अब बुर से हटा कर मेरे सर को अपने सीने पर दबाने लगी मैं तो यही चाहती ही थी मैने उसकी चूची की चुसायी कायदे से करना शुरु कर दी मैने अपने हाथ उसकी बुर की तरफ़ सरकाना शुरु कर दिया और जब हाथ को उसकी बुर पर रख कर सहलाया तो वो बहुत जोर से सिसक पड़ी ईईस्सस्सस्सस्स आपा क्या कर रही हैं आप बहुत गुदगुदी हो रही है मैने उसकी बुर बहुत फ़ूली हुई थी और गोल्डन बाल तो कयामत का मंज़र लग रहे थे मैने उसकी झांटे सहलाते हुए उसकी बुर की फ़ांक फ़ैलायी तो अंदर का गुलाबी हिस्सा देख कर मेरा भी मन उसकी बुर चाटने का करने लगा मैने सोचा आज पहली बार किसी लड़की की बुर चाट कर मज़ा लिया जाये और फ़िर उसकी चूची मुंह से बाहर निकाल कर अपने चेहरे को उसकी झांघों के बीच में लकर उसकी बुर की खुश्बू लेने लगी मैने उससे कहा अफ़्फ़ो तुम ऐसा करो कि लेट जाओ तब ज्यादा मज़ा आयेगा मैने ऐसा इसलिये कहा क्योंकि मुझे अपनी भी चूत तो उससे चुसवानी थी और ये कह कर अफ़रोज़ वहीं फ़र्श पर लेट गयी और मैं उसके बुर की तरफ़ अपना मुंह ले जाकर पहले अपनी जबान से उसकी बुर की फ़ांक को सहलाया और फ़िर धीरे से अपने होंथों में उसकी बुर की फ़ांकों को रख कर चूसने लगी और अपनी चूत को उसके मुंह पर रखते हुए उससे कहा अफ़्फ़ो तुम भी ऐसे ही करो तब उसने कहा नहीं आपा मुझे घिन आती है तब मैने उसकी बुर की चिकोटी काट कर कहा वाह मेरी चुद्दो रानी मैं चूस रही हूँ तेरी गीली बुर और तुझे शरम आ रही है चल जल्दी से चुम्मा ले चूत का

और ये कह कर अपनी चूत को ज़बरदस्ती उसकी मुंह पर अड़ा दिया और वो न चाहते हुए भी चूमने लगी मगर मैं तो बहुत चाव से उसकी छोटी सी बुर को चूस रही थी और अब वो आह आह करने लगी थी उसकी बुर से बहुत ढेर सारा रस बाहर निकल पड़ा जिसे मैं चूस कर चाट गयी और फ़िर जब उसकी बुर पूरी तरह से चिकनी हो गयी तब उसमे मैने अपनी एक उंगली घुसेड़ दी वो कराह उठी आआआह आपा जान क्या कर रही है बहुत दर्द हो रहा है

तब मैने कहा मेरी रानी अभी बहुत अच्छा लगेगा तुम्हे जरा बरदास्त करो और फ़िर दो उंगली एक साथ उसकी बुर में डाल दी और आगे पीछे करने लगी अब तो अफ़्फ़ो को भी मज़ा आने लगा वो मेरी चूत को जोर से शिप करते हुए अपनी चूतड़ को उछालने लगी और मैं भी अपनी अपनी उंगली को बहुत तेज़ी के साथ डालने लगी थी तभी वो एक बार और झड़ी और फ़िर सुस्त हो गयी तब मैने पूछा कि क्यों रानी मज़ा आया? उसने कहा अल्लाह कसम आपा बहुत मज़ा आया तब मैने कहा रानी अगर तुम थोड़ी देर पहले आ जाती तो भाई से चुदवा भी देती तुझे, अभी थोड़ी देर पहले ही तो मैने चुदवाया है तब वो बोली मैं देख चुकी हूँ आपा आपकी चुदायी मेरी सलवार तभी गीली हुई थी तब मैने कहा हां मुझे पता है तु छुप कर सारा तमाशा देख रही थी मैने देखा था ऐ तुझे आ जाना चाहिये था न चलो कोई बात नहीं अब तो तु खुल ही गयी है मैं भाई से कह दूंगी वो तुझे मज़ा देगा

तब अफ़रोज़ ने कहा आपा बहुत दर्द होता है क्या चुदवाने में? मैने कहा नहीं पहले तो थोड़ा सा होगा बाद में सब ठीक हो जायेगा पर आपा भाई का हथियार भी तो बहुत मोटा ताज़ा है तब मैने कहा देख अफ़रोज़ अगर हमारे साथ रहना है तो सब बात खुल कर करनी होंगी बता उसको क्या कहते है? तब वो शरमाते हुए बोली लौड़ा कहते है आपा मैने कहा ये हुइ न बात चल अब जल्दी से कपड़े पहन लेती हूँ भूख भी बहुत लगी है तब अफ़रोज़ न कहा किस चीज़ की भूख लगी है आपा? मैं उसकी शरारत समझ गयी बोली ज्यादा शरारत न करो वरना भाई से कह कर तेरी नन्ही सी बुर की धज्जियां उड़वा दूंगी तब वो माफ़ी मांगते हुए बोली रहम करना मेरी आपा अपनी बहन की इस नाजुक सी चूत पर और फ़टा फ़ट हम लोग कपड़े पहन कर नीचे चले आये उसके बाद की कहानी मैं अगली बार बताउंगी ओ के तो फ़्रेंड्स हर बार की तरह इस बार भी मुझे बताइयेगा की कैसी रही मेरी कहानी

भाई और बहन

May 15th, 2010

हैलो कैसे हैं आप सब। आज बहुत दिन बाद मैं कोई कहानी लिखने जा रही हूं आरजू अगं मैं असल में बाहर चली गयी थी पर जाने से पहले कई कहानियां भेज कर गयी थी ताकि आप लोगों को मेरी कमी न महसूस हो और आप लोगों के बहुत सारे मेल मिले जिनमे मेरी कहानियों को काफ़ी पसंद किया गया है जिसका मैं आप सबका खुले दिल और फ़ैली चूत के साथ शुक्रिया अदा करती हूँ लड़कियों की चूत के लिये दुआ करुंगी कि उनको भी कोई चोदने वाला जल्दी से मिल जाय और लड़के तो साले होते ही हरामी हैं कहीं और नहीं मिली तो घर में ही शुरु हो गये पर मुझे लड़को से एक शिकायत है कि वो सब ही मुझे चोदना चाहते हैं अरे यार मुझे चुदवाने से कोई इंकार नहीं है पर अब मैं बैठी यू पी में और आप लोग पता नहीं कहां कहां बैठे हो अब भला किसी का लंड इतना बड़ा तो होगा नहीं कि वहां बैठे बैठे मेरी चूत को चोद डाले तो प्लीज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ मुझसे हर तरह की बात करे पर मुझे चोदने की बात न करे क्योंकि ये हो नहीं सकता

हां तो अब मैं आप सबको बताती हूं कि मैं आगरा अपनी मुमानी के घर गयी थी करीब ५ साल बाद अपनी अम्मी और भाई के साथ वहां मुझे बहुत अच्छा लगा इतने साल बाद जाने के बाद वहां सभी लोग बहुत प्यार से मिल रहे थे हम लोगों ने खूब मौज मस्ती की पर हफ़्ते भर बाद ही मुझमे चुदाने के कीड़े रेंगने लगे क्योंकि यहां तो लगभग रोज़ ही चूत में लंड खाती थी शायद ही कोई दिन ऐसा जाता हो जब मैं न चुदवाउं पर यहां तो चुदायी क्या साला किसी से चूची मसलवाने को तरस गयी हालांकि मेरी मुमानी की २ लड़कियां मेरी ही एज ग्रुप की थी पर वो बहुत सीधी साधी थी कम से कम उनके बर्ताव से तो यही ज़ाहिर होता था कि बच्चियां अभी बहुत नादान है बेचारी अपनी जवानी के बारे में भी शायद नही जानती थी जब कि वो दोनो बला की खूबसुरत थी जिस्म का रंग दूध ऐसा गोरा भरी भरी जांघें लाल लाल गाल और चूचियां तो कयामत थी कसम से उनकी चूची बला की खूबसुरत थी उसमे छोटी वाली अभी स्कर्ट टोप ही पहना करती थी उसकी उम्र १५ साल की थी मैं अकसर सोचती कि साली इतनी खूबसूरत है दोनो फ़िर भी इतनी सीधी साधी है

एक दिन की बात है मैं छत पर नहा कर बाल सुखा रही थी कि तभी कोई मेरे पीछे से मेरी गांड में लौड़ा अड़ा कर मेरी चूचियों को दबाने लगा मेरी बांछे खिल गयी सोचा किसे तरस आया मेरी जवानी पे जब घूम कर देखा तो भाई जान थे मैने कहा हटिये भी भाई भला ये भी कोई जगह है प्यार करने की कोई देख लेगा तो शामत आ जायेगी तब भाई ने उसी पोसिशन मे खड़े खड़े मेरी चूचियां दबाते हुए कहा हां यार ये तो है साला यहां बाकी सब तो ठीक है पर लंड को बहुत तरसना पड़ता है साला यहां घर ऐसा महल तो है नही कि जब जी चाहा बिस्तर पर पटक कर चोद लिया यार तुम न हुई तो अम्मी की पुरानी भोसड़ी में ही लंड डाल लिया नहीं तो तुम्हे ही चोद लिया पर साला यहां तो बड़ी दिक्कत है अब हफ़्ता भर हो गया साला लंड को कोई चूत नसीब नहीं हुई उनके चूची दबाने से मैं अब तक गरम हो चुकी थी तब मैने कहा भाई अब आप मेरी चूची न दबायें क्योंकि इस तरह तो आग और भड़क रही है जब चोद नहीं पायेंगे तब गुसल खाने में जाकर मुझे भी उंगली करनी पड़ेगी और आपको भी मुठ मारना पड़ेगा

तब भाई ने कहा यार अब इतने दिन बाद मौका मिला है तो बिना चोदे तो नहीं छोड़ुंगा चाहे जो हो जाय और ये कह कर मेरी टोवल खोलने लगे मगर मैने कहा हाय भाई ऐसा न कीजिये कहीं यहां किसी ने देख लिया तो बड़ी बदनामी हो जायेगी चुदवाने का मन तो मेरा भी है पर क्या करें मज़बूरी है तब भाई ने कहा अच्छा तुम नहीं मान रही तो मेरा लंड बस मुंह से चूस कर ही हल्का कर दो मैं सब्र कर लूंगा मैने कहा भाई आप मान नहीं रहे कहीं कोई उलटी सीधी बात हो गयी तो क्या होगा मगर भाई न माने और मुझे एक तरफ़ दीवार की आड़ में ले गये और अपनी पैंट की जिप खोल कर मुझे घुटनो के बल फ़र्श पर बैठा दिया और मेरे हाथ में लंड पकड़ा कर बोले प्यारी बहना चूस कर खलास कर दो लंड को तब मैने कहा भाई अभी तो खड़ा भी नहीं हुआ बहुत मेहनत करनी पड़ेगी और टाइम भी लगेगा आप मान नहीं रहे तब वो मेरी चूची को टोवल के उपर से दबाते हुए बोले साली नाटक न कर बहन की लौड़ी एक तो चोदने को नहीं मिल रहा उपर से तू बातें चोद रही चल जल्दी से चूस कर खड़ा कर लंड को तब मुझे भी गुस्सा आ गया और मैने कहा बड़ी बहादुरी दिखा रहे हो लो अब मैं भी बहादुरी दिखाती हूं

ये कह कर मैने अपनी टोवल उतार कर फ़ेंक दी और झट से भाई का लंड मुंह में भर लिया और चूसने लगी भाई ने जब देखा कि मैने टोवल उतार कर फ़ेंक दी तो उसकी भी गांड फ़टी आरज़ू तुमने ये क्या किया कहीं किसी ने देख लिया तो क्या होगा? तब मैने कहा अभी मैं कह रही थी तो मेरी गांड में घुस गये अब काहे गांड फ़टी जा रही चोदो जो होगा देखा जायेगा ज्यादा से ज्यादा मुमानी की लड़कियां या मुमानी ही तो आयेंगी उपर सम्भाल लूंगी मैं उनको तब भाई ने कहा अगर मामु जान आ गये तो क्या होगा? तब मैने कहा यार लड़कियों और अम्मा को तुम सम्भालना और अगर मामु जान आये तो वो मेरी चूत और नंगी चूचियां देख कर ही धरसायी हो जायेंगे

उसके बाद मैने भाई से कहा भाई आप जल्दी से मेरी चूत को चाट कर गरम कर दो और आपका लंड मैं चूस कर तैयार करती हूं तब भाई जल्दी से मेरी चूत की तरफ़ मुंह करके लेट गये और अपने लंड को मेरे मुंह के पास ले आये और तब मैं जल्दी से उनका लंड मुंह में भर लिया और चूसने लगी भाई भी चटाक चटाक मेरी बुर को चटखारे के साथ चूस रहे थे भाई का लंड जल्दी ही खड़ा हो कर तन गया मगर मैं अभी पूरी तरह से गरम नहीं हुइ थी तब भाई ने कहा आरज़ू तुम जल्दी से चौपाया बन जाओ मैं पीछे से डालता हूं आज तुम्हारी चूत में तब मैने कहा भाई अभी मैं पूरी तरह गरम नहीं हूं आप ऐसा कीजिये कि अपनी टांगे फ़ैला लीजिये मैं आज झूला आसन से चुदाउंगी तभी भाई अपनी टांगे सीधी फ़ैला कर बैठ गये और मैं अपनी चूत फ़ैला कर उनकी टांगों के बीच खड़ी हो गयी और पहले भाई से कहा भाई एक किस मेरी बुर पर कीजिये फ़िर सम्भाल कर बैठ जाइये मैं अचानक अपनी चूत आपके लंड पर गिराउंगी तब भाई ने मेरी चूत पर किस तो करा मगर फ़िर बोले रानी अगर सेंटर आउट हो गया तो मेरी भी गांड फ़टेगी और तुम्हारी भी इसलिये भलाई इसी में है कि चुपचाप मेरे लौड़े पर अपनी चूत रख कर बैठ जाओ मगर मुझे तो ज़िद चढ़ गयी मैने कहा जैसा कहती हूं करो तब भाई सम्भल कर बैठ गये और मैने धड़ से उनके लंड पर बैठने को हुई कि उनका लंड पीछे चला गया और मेरी गांड के नीचे दब गया भाई के मुंह से एक दर्द भरी चीख निकल गयी आआआआआआअह मार डाला कुतिया सालीईईई मैं पहले ही कह रहा था तु नहीं कर पायेगी मगर तु तो आज मेरी गांड फ़ाड़ने पर अमादा है हट जा ज़रा सहलाने दे लंड को बहुत ज़ोर से दबा है एक तो तेरे चूतड़ इतने भारी है और उपर से ९ मन का बोझ तब मुझे भाई की हालत देख कर हंसी आ गयी और मैने कहा एक बार निशाना चूक गया तो गांड फ़ट गयी अरे मेरी चूत की तुम और अब्बु मिलकर कितनी बार कुटायी कर चुके हो तब भाई थोड़ा नोर्मल हो गये और मैं फ़िर से खड़ी हो गयी मुझे खड़ा होते देख कर भाई की गांड फ़ट गयी बोले क्या इरादा है अब तेरा?

मैने कहा भाई वन्स मोर! कोशिश करो प्लीज! तब भाई ने कहा बहुत बड़ी निशांची बन रही है याद रख तुझे चांस तो दे रहा हूं अगर इस बार निशाना चूका तो किसी कुत्ते से तेरी गांड मरवाउंगा हम दोनो अपनी वासना में इतने गुम हो गये थे कि भूल ही गये थे कि ये घर मुमानी का है और हम लोग छत पे है मुझे ज़रा आहट हुइ तो देखा कि खाला की छोटी लड़की अफ़रोज़ दरवाज़े की आड़ लेकर खड़ी है और पता नहीं कब से हम दोनो की बातें सुन रही थी और नज़ारा देख कर मज़ा ले रही थी मैं उसे देख कर थोड़ा सकपका गयी और सम्भलते हुए भाई की गोद में बैठ कर उसके कान में धीरे से कहा भाई अफ़रोज़ पता नहीं कितनी देर से हम लोगों को देख रही है और हमारी बातें भी सुन ली है उसने तब तो भाई भी घबरा गया

तब भाई ने धीरे से कहा अब तो देख ही लिया है मेरे ख्याल से ये ज्यादा कुछ नहीं करेगी बस हम लोगों की चुदायी देखेगी इसमे हमारा ही फ़ायदा है तब मैने कहा भाई अगर मुमानी से कह दिया इसने तब क्या होगा? मामु और मुमानी क्या सोचेंगी कि हम लोग आपस में चोदा चोदी करते हैं? तब भाई ने कहा ऐसा कुछ नहीं होगा अब हमे इसकी प्यास भड़कानी है इसको इस बात का एहसास करा देना है कि चुदायी में बहुत मज़ा आता है जवान तो ये भी है साली कितनी देर तक बरदास्त करेगी चूत की प्यास को और फ़िर जब मेरा औज़ार तुम्हारी चूत में घुसते हुए देखेगी तब साली खुद ही उंगली करेगी अपनी बुर में और कसम से मैं तो पहले दिन से इन दोनो बहनों को चोदने के चक्कर में हूं मगर हाथ ही नहीं धरने देती हैं साली दोनो बहने पर आज यकिनन इसकी चूत में चुदायी का कीड़ा रेंगने लगेगा बस तुम इस तरह से दिखाना कि तुमको बहुत मज़ा आ रहा है फ़िर देखो कैसे लाइन पर आती है और उसके बाद भाई ने मुझे कैसे चोदा और फ़िर वहीं छत पर अफ़रोज़ को भी ऊपरी मज़ा यानि खाली चूची मसलने का मज़ा दिया उसके बाद उसकी चुदायी भी की पर उसके बारे में अगली कहानी में बताउंगी ओके

भाभी के साथ एक रात

April 28th, 2010

ये मेरी पहली कहानी है। लेकिन रियल में जो के १ साल पहले मेरे साथ हुई थी। मैं इसमे कुछ गंदी भाषा का प्रयोग भी कर रहा हूं लेकिन सिर्फ़ रोचक बनाने के लिये। ये सिर्फ़ मुझे और मेरी भाभी को ही पता है। और अब आप को। मेरे भैया की शादी २ साल पहले ही हुई है। भाभी का नाम अर्चना जैन है। भाभी बहुत ही सेक्सी ,गोरी, स्लिम है। उनका फ़ीगर वेल मेन्टेन है। भैया एक एम् एन सी में बोम्बे में सी ऐ हैं। वो कभी कभी आते है। भाभी को देख २ कर मैं तो जैसे पागल हुआ जा रहा था। किसी न किसी तरह भाभी को छूने की कोशिश करता रहता था। वो जब मेरे कमरे में झाडू लगाने आती तो जैसे ही झुकती तो मेरा ध्यान सीधे उनके ब्लाउज़ के अंदर चला जाता। क्या गजब बूब्स हैं उनके जी करता कि पकड़ कर मसल दूं। पर मैं तो सिर्फ़ उन्हे देख ही सकता था। भाभी और मुझ में बहुत ही अच्छी जमती थी। हम हंसी मजाक भी कर लेते थे। पर कभी भी घर में अकेले नहीं होते थे कोई न कोई रहता था। मैं सोचता था कि काश एक दिन मैं और भाभी अकेले रहे तो शायद कुछ बात बने।

सर्दी का मौसम था घर के सभी मेम्बर्स को एक रिश्तेदार कि शादी में चेन्नई जाना था। भैया तो रहते नहीं थे। मम्मी पापा, मैं और भाभी ही थे। पापा ने कहा कि शादी में कौन कौन जा रहा है। मैने कहा मेरे तो एक्ज़ाम्स आ रहे है। मैं तो नहीं जा पाउंगा। मुम्मी बोली के चलो ठीक है इसके मरजी नहीं है तो ये यहीं रहेगा पर इसके खाने का प्रोब्लम रहेगा। इतने में मैं बोला कि भाभी और मैं यहीं रह जायेंगे आप दोनो चले जायें।

सबको मेरा आइडिआ सही लगा। अगले दिन मम्मी पापा को मैं ट्रैन में बिठा आया। अब मैं और भाभी ही घर में थे। भाभी ने आज गुलाबी साड़ी और ब्लाज़ पहन रखा था ब्लाउज़ में से बरा जो के स्रीम कलर की थे साफ़ दिख रही थी। मैं तो कंट्रोल ही नहीं कर पा रहा था। पर भाभी को कहता भी तो क्या। भाभी बोली थन्क यू देवेर जी। मैने कहा किस बात का। भाभी बोली मेरा भी जाने का मूड नहीं था। अगर आपकि पढ़ायी डिस्टर्ब न हो तो आज मोवी चले। मैने कहा चलो। पर कोई अच्छी मोवी तो लग ही नहीं रही है सिर्फ़ मर्डर ही लगी हुई है। भाभी बोली वो ही चलते हैं। मैं चोंक गया। भाभी ड्रेस चेंज करने चली गयी। वापस आयी तो उन्होने डीप कट ब्लाउज़ पहना था उनके ब्रा और बूब्स के दर्शन हो रहे थे। मैने कहा भाभी अच्छी दिख रही हो भाभी बोली थैंक्स । हम सिनेमा हाल गये हमें इत्तेफ़ाक से सीट भी सबसे उपर कोने में मिली। फ़िल्म शुरु हुई मेरा लंड तो काबु में ही नहीं हो रहा था। अचानक मल्लिका का कपड़े उतारने वाला सीन आया। मैं देख रहा था कि भाभी के मुंह से सिसकिआं निकलने शुरु हो गैइ।

और भाभी मेरा हाथ पकड़ कर मसलने लगी। मेरा भी हौसला बढ़ा मैने भी भाभी के कंधे पर हाथ रका दिया और धीरे २ मसलने लगा। हाल में बिल्कुल अंधेरा था। मेरा हाथ धीरे २ भाभी के बूब्स पर आ गया भाभी ने भी कुछ नहीं कहा वो तो फ़िल्म का मज़ा ले रहे थी। अब मैं भाभी के बूबी को मसल रहा था और अब मैने उनके ब्लाउज़ में हाथ डाल दिया भाभी सिर्फ़ सिसकरियां भरती रही और मुझे को ओपरेट करती रही। अब फ़िल्म एंड हो चुकी थी हम दोनो घर आये। मैने पूछा क्यों भाभी कैसि लगी फ़िल्म। भाभी बोली मस्त। मैने कहा भाभी भूख लगी है। हम दो नो ने साथ खना खया। मैं अपने कमरे में चला गया। इतने में भाभी की अवाज़ आई क्या कर रहे हो देवेर जी जरा इधर आओ न।

मैं भाभी के बेडरूम में गया तो भाभी बोली ये मेरी ब्रा का हुक बालों में अटक गया है प्लीज़ निकाल दो न। भाभी सिर्फ़ ब्रा और पेटीकोट में ही थी। उसने क्रीम रंग की बरा पहन रखी थी। मैने ब्रा खोलने के बहाने उसके निप्पलों को भी मसल दिया और पूरी पीठ पर हाथ फ़िरा दिया मैने कहा भाभी लो खुल गयी ब्रा मैने बरा को झटके से नीचे गिरा दिया अब भाभी पूरी टोपलेस हो चुकी थी। हम दोनो फ़ुल फ़ोर्म में आ चुके थे भाभी बोली देवेर जी भूख लगी है तो दूध पीलो मैने भाभी को उठाया और बिस्तर पर ले गया उनका पेटीकोट भी खोल दिया अब वो पूरी नंगी हो चुकी थी और मैं भी। मैने शुरुआत उपर से ही करना मुनासिब समझा

और भाभी के लाल लिपस्टिक लगे रसीले होंथों को जम कर चूसा। उसके बाद बारी आई उनके छाती की जिस पर कि दो मोटे २ दूध की टंकिया लगी थी। उनके निप्पल का सबसे आग्गे का हिस्सा बिल्कुल भूरा था मैने भाभी के बूब्स को इतना मसला और चूसा कि सच में ही दूध निकल आया। मैने दोनो का जम कर आनंद लिया। भाभी के मुंह से तो बस सिसकरियं निकल रहे थी आह आआआअह आआआआआह्हह अब मैं बूब्स से नीचे भाभी की चूत पर आया क्या क्लीन चूत थी एक भी बाल नहीं। मैने पहले तो भाभी की चूत को खूब चाटा फिर एक्स एक्स एक्स फ़िल्मो की तरह जोर २ से उंगली करने लगा। भाभी आअह आआआह देवेर जी कर रहे थी। फिर मैने भाभी को घोड़ी बनने के लिये कहा भाभी घोड़ी बन गयी मैने अपना लंड चूत में डाल दिया और जोर जोर से चोदने लगा। इस तरह मैने ३० मिनट तक भाभी को अलग २ पोजिशन में चोदा (सोफ़े पर भी)। अब मैं थक गया था। भाभी बोली तुमने तो मेरे बहुत मज़े ले लिया मेरे शानदार फ़ीगर वाले बूब्स को चूस २ और मसल २ कर लटका और खाली कर दिया अब मेरी बारी है। मैं लेट गया

भाभी मेरे उपर चढ़ गयी और मेरे सीने पर मसलने और चूसने लगी और मेरे भी छोटे २ बोब निकाल दिये मैं भी भाभी के बूब्स को मसल रहा था फिर भाभी मेरे लंड को पकड़ कर चूसने लगी करीब १५ मिनट तक उसने मेरे लंड को चूसा।अब हम दोनो को नींद आ रही थी हम उसी हालत में सो गये। सुबह उठ कर हम दोनो साथ ही टब में नहाये और मैने भाभी के एक एक अंग को रगड़ २ कर धोया। इसके बाद भी हम २ -३ दिन तक सेक्स का आनंद लेते रहे। अब भी कभी मौका मिलता है तो हम शुरु हो जाते हैं। साथ में घर पर ही नेट पर साइट्स देखते हैं।

मुझे तो साड़ी सेक्स बहुत पसंद है। एक एक कपड़ा ब्लाउज साडी ,ब्रा ,पेटीकोट खोलने का मज़ा कुछ और ही है। मैं अपनी ड्रीम गर्ल को भी साड़ी में ही देखना चाहता हूं।

दोस्तों अपको कैसी लगी ये स्टोरी। ये मेरी पहली स्टोरी है

बरसात की रात-२

April 28th, 2010

कैसे है आप सब इस बार फ़िर से हर बार की तरह बहुत सारे मेल मिले और मै आप सबका एक बार फ़िर से धन्यवाद अदा करता हूं कि आप लोग मुझे इतने सारे मेल करते है और मेरी कहानियों को पसंद भी करते है। वेल, अब मै अपनी कहानी शुरु करता हूं जहां पर अधूरी रह गयी थी बरसात की रात पार्ट १ में आप सबने पढ़ा ही होगा कि किस तरह से मेरी अजनबी आंटी से मुलाकात होती है और जिन्होने नहीं पढ़ा वो प्लीज़ पार्ट १ पढ़े फ़िर यहां से शुरु करें

तो उस दिन रात को मुझे सोया हुआ जानकर आंटी ने मेरा लंड मुंह में भर लिया और फ़िर मेरी आंख खुल गयी और उसके बाद हम लोग सारी लाज हया त्याग कर चुदायी करने में जुट गये आंटी तो पहले से ही नंगी थी और मैं सिर्फ़ लुंगी ही लपेटे हुए था जिसे आंटी ने सरका कर मेरा लंड बाहर निकाल कर होंठों में भरा था अब वो भी मैने उतार दी थी और पूरी तरह से मैं भी नंगा हो चुका था और आंटी मेरे फ़नफ़नाये लंड को बड़ी मोहब्बत से देख रही थी और किसी लालची बिल्ली की तरह जबान होंठों पर फ़िरा रही थी मैं वहीं सोफ़े पर बैठ गया और आंटी से कहा अब जब शरम का परदा हट ही गया है तब पूरी तरह से बेशरम होकर जवानी के मज़े लूट लो आप भी

तब आंटी ने कहा साले मादरचोद वही तो तुझे समझा रही हूं इतनी देर से मगर तू है कि लंड क्या लोहे बना हुआ इतनी देर से आखिर अब आया न औकात पर चल जल्दी से मेरे मुंह में लंड डाल कर धक्के लगा और मुझे अपने रस का पान करने दे और इतना कह कर वो मेरे लंड को चूसने के लिये जैसे ही झुकी मैने उनकी बड़ी बड़ी चूचियों को बेदर्दी से मसलते हुए कहा अरे रंडी ऐसी भी क्या जल्दी है लंड चूसने की ज़रा मुझे भी तो गरमाने दो न मगर वो ज़बरदस्ती मेरा लंड पकड़ कर अपने मुंह में रख कर चूसने लगी और थोड़ी ही देर में मेरा लंड तन कर खड़ा हो गया और उनकी चूत को सलामी देने लगा तब वो अपनी चूत फ़ैला कर आयी और मेरे मुंह के पास करती बोली लो मेरे चोदु अब जरा इसे भी चाट कर तुम भी मेरे रस का मज़ा लो मैं उनकी झांटों भरी चूत को सहलाने लगा फ़िर बोला साली यहां तो पूरा जंगल उगा रखा है क्या चाटुं? चूत तो ढूंढे से नहीं मिल रही है यहां? तब वो अपने झांट के बालों को अपने दोनो हाथ से अलग कर के अपनी चूत देखा कर बोली राजा आज तो काम चला लो कल साफ़ कर लूंगी प्लीज़

मुझे उनके उपर तरस आ गया और मैं अपने होंठ उनकी चूत की फ़ांक पर रख कर फ़ांकों को चूमने लगा और अब तो आंटी की सिसकियों का शमां ही बंध गया था वो अपने दोनो पैर मेरी गर्दन के अगल बगल से करके पीचे सोफ़े पर टेक लगा कर अपनी चूत मेरे मुंह पर रगड़ने लगी थी और मुझे तो चूत चाटने में शुरु से ही मज़ा आता था सो मैं लग गया काम पर आंटी ईईइस्सस इस्सस आआययीई आयीई कर रही थी और मैं चपर चपर करके उनकी चूत चाट रहा था थोड़ी ही देर में वो बोली आआअह्हह्ह राजा मैं झड़ने वाली हूं अब अपनी जीभ निकाल लो मेरी चूत से तब मैने कहा हाय मेरी रंडो अभी तो कह रही थी कि मेरी चूत के रस को चखो और अब कह रही हो निकाल लो जीभ को तब उसने कहा क्या तुम सच में मेरा रस पियोगे?

मैने कहा इसमे हैरानी कैसे इसमे तो बहुत आनंद आता है वो बोली मैं तो मज़ाक कर रही थी मुझे नहीं पता ऐसे भी किया जाता है तब मैने कहा हाय मेरी नादान बन्नो इतने सालों से चुदवा रही हो पर इतनी नासमझ बनती हो जैसे अभी कमसिन कन्या हो और इतना कहकर मैने अपनी जबान जल्दी जल्दी अंदर बाहर करने लगा और अब तो आंटी को जन्नत का मज़ा आने लगा वो मेरा सिर पकड़ कर अपनी चूत मेरे जीभ पर दबा रही थी और तभी उनकी चूत से ढेर सारा रस निकलने लगा जिसे मैं चूसने लगा और थोड़ी देर में ही उसका सारा रस चूस कर उसकी चूत बिलकुल साफ़ कर दी और झांटों पर जो थोड़ा बहुत रस चिपक गया था उसे उसकी नाइटी से साफ़ करने लगा तब आंटी बोली अरे!!!

अरे क्या कर रहे हो मेरी इतनी कीमती नाइटी गंदी हो जायेगी तब उसने मैने उसकी पैंटी जो वहीं पड़ी थी उसको उठा कर उससे उसकी चूत साफ़ करी और फ़िर बोला अब आप मेरा लौड़ा चूस कर खड़ा कीजिये तब आपकी चूत चोदी जाये तब वो कहने लगी जो जी में आये वो करो अब तो तुम मेरे राजा हो गये हो इतना कहकर झट से मेरा लंड पकड़ कर सहलाने लगी मेरा लंड उनकी चूत चाटने से सिकुड़ चुका था वो धीरे धीरे सहला रही थी और मैं उनकी बड़ी बड़ी बूब्स को मसल रहा था कभी कभी बहुत जोर से दबा देता था जिससे उनकी चीख निकल जाती थी और मैं जितनी जोर से उसकी चूची दबाता वो उतनी ही जोर से मेरा लंड दबाती थी उसके सहलाने से थोड़ी देर में ही मेरा लंड फ़िर से खड़ा हो गया और फ़िर उसे देख कर वो अपने होंठ पर जीभ फ़िराने लगी मैने अपने हाथ में लंड पकड़ा और घप्प से उसके मुंह में घुसेड़ दिया और उसका मुंह खुला का खुला ही रह गया वो गूं गूं कर रही थी जैसे कहना चाह रही हो निकाल लो लंड को मगर मैने उसके बाल पकड़ कर एक करारा धक्का और मारा और पूरा ८” लंड उसके मुंह में समा गया

उसको पूरा लंड मुंह में लेने में काफ़ी परेशानी हो रही थी मगर मुझे मज़ा आ रहा था थोड़ी देर बाद ही आंटी को भी मज़ा आने लगा और अब वो जल्दी जल्दी अपने चेहरे को आगे पीचे कर के मेरे लंड को चूस रही थी और मुझे ऐसा लग रहा था कि बस अब मैं झड़ने ही वाला हूं मैने सोचा कि आंटी की चूत मार ही ली जाये मगर सोचा कि सारी रात पड़ी है जल्दी क्या है अभी तो अपना रस इसकी मुंह में ही उड़ेल देता हूं यही सोच कर मैने तेज़ी से धक्कों की रफ़्तार बढ़ा दी और थोड़ी ही देर में मैं उसके मुंह में झड़ गया और थोड़ी देर तक हुम लोग उसी अवस्था में लेटे रहे

फ़िर मुझे पेशाब लगने लगी तो मैने आंटी से पूछा बाथरूम किधर है? वो बोली चलो मुझे भी पेशाब लगी है साथ ही निपट लेते है जब मैं अपनी लुंगी उठाने लगा तो वो छीनते हुए बोली क्या यार इतनी से देर के लिये लुंगी बांध रहे हो तब मैने कहा आंटी कहीं आपकी लड़की न देख ले वो बोली अरे मेरे राजा वो बेचारी तो सो रही होगी तुम बेफ़िक्र रहो फ़िर हम लोग एक साथ ही बाथरूम गये वो बिल्कुल भी नहीं शरमा रही थी और मेरे सामने ही चूत पसार कर छर्र छर्र मूतने लगी मैं भी वहीं खड़े होकर मूतने लगा और उसके बाद उसने अपनी चूत पानी से साफ़ करी और मेरा लंड भी धोया उसके बाद फ़िर से रूम में आ गये और बेड पर बैठ गये वो बोली रजा चूमा चाटी और चूची चुसायी तो बहुत हो गयी अब चुदायी के बारे में क्या ख्याल है?

मैने कहा जैसा तुम बोलो मेरी रानी अब पूरी तरह से हुम लोग बेसरम हो चुके थे और लंड चूत की बातें खुल कर कर रहे थे वो बोली राजा एक बात तो माननी पड़ेगी तुममे गज़ब की ताकत है बहुत मज़ेदार चुसायी करते हो अब देखते हैं चुदायी में कहां तक ठहर पाते हो मैने कहा चुद्दो रानी अभी आज़मा कर देख लेना कैसे बखियां उधेड़ता हूं आज तुम्हारी अगर तेरी पहली रात न याद दिला दी तो राज नाम नहीं और ये कह कर मैने उसकी टांगे पूरी तरह से फ़ैला दी जब उसकी चूत देखी तो वो मुझे ज्यादा चुदी पिटी नहीं नज़र आ रही थी मैने थोड़ी देर उसे सहलाया मेरा मन अभी फ़िर से चाटने को कर रहा था मगर रात काफ़ी हो चुकी थी और पानी भी अपने पूरे शबाब से बरस रहा था मैने सोचा साली आज तो चुदवा रही है क्या पता आगे भी चुदवाये अगर आज इसे कायदे से चोद दिया तो इसकी चूत का मालिक बन जाउंगा मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा होकर सलामी देने लगा था मैं सोच रहा था कि साली को किस एंगल से चोदूं कि मेरी गुलाम बन जाये तब ही वो बोली राजा बहुत दिन से मेरा मन किसी के लंड पर बैठ कर झूला झूलने को कर रहा है क्या तुम झुलाओगे झूला मैने कहा क्यों नहीं आंटी आप किस तरह का झूला झूलेंगी?

मैं चेयर पर बैठ जाउं या खड़े होकर आपको अपने लंड पर झूला झुलाउं? वो बोली कि चेयर पर बैठ कर तो कोई भी झूला झुला देगा मज़ा तो खड़े होकर झुलाने में है उनकी बात सुनकर मैं तुरंत जमीन पर खड़ा हो गया और अपने लंड को उपर की तरफ़ उठा कर कहा आंटी अब आप तैयार हो जाइये इस सवारी पर बैठ कर आपको बहुत देर तक झूला झूलना है और वो बेड पर खड़ी हो गयी मैने अपने लंड से उनकी चूत का सेन्टर मिलाया और उनको अपने लंड पर उठा लिया एक पल को मैं गड़बड़ा गया था बेलेन्स बिगड़ गया था क्योंकि आंटी का वेट काफ़ी था मगर मैं सम्भल गया और अब पूरी तरह से आंटी का भार मेरे उपर ही था और वो अपने चूतड़ को उचका रही थी नीचे से मैं भी धक्के मार रहा था आंटी आआअह आआआह्ह आआआआआययययीईईइ आआआयययययययीईईइ कर रही थी और उनके उछलने से उनकी बड़ी बड़ी चूचियां उछल रही थी।

मैने उनकी चूची को मुंह में भर कर चूसने लगा और धक्के भी मार रहा था थोड़ी देर बाद मैं थक गया तो मैने खड़े खड़े ही धम्म से बेड पर डाई मार दी और आंटी की पीठ जानबूझ कर पीचे की तरफ़ रखी थी जिससे कि जब मैं बेड पर गिरुं तो मेरा लंड का धक्का उसकी चूत में तेज़ी से लगे एक धड़ाम की आवाज़ के साथ मैं बेड पर गिरा और आंटी के मुंह से एक जोरदार चीख निकली आअययययीई आआआह्ह राम मार डाला साले हरामीईई क्या करता है चुदायी या कुछ और भोसड़ी के मादरचोद कहीं ऐसे भी चोदा जाता है मुझे बता देते तो अराम से लेट जाती बेड पर तुम तो लगता है मेरी चूत के साथ साथ बेड भी फ़ाड़ दोगे

और फ़िर आंटी की धकम पेल चुदायी की उस दिन रात भर में २ बार बुर चोदी और १ बार गांड मारी और उस दिन के बाद से अकसर मैं आंटी के घर जाने लगा और अब मेरा ध्यान उनकी नाबालिग लड़की संगीता की तरफ़ था हालाकि मैने कभी भी कम उमर की लड़कियों की तरफ़ ध्यान नहीं दिया पर पता नहीं संगीता की चढ़ती जवानी में ऐसा क्या था जो मुझे मदहोश कर देता था वो छोटी सी स्कर्ट टोप पहन कर जब आती थी तब उसकी गोरी गोरी जांघें और टोप के अंदर उसकी नन्ही नन्ही चूची देख कर ही मैं शायद उसका दीवाना हो गया था और अकसर उसकी पैंटी भी मैं किसी न किसी बहाने से देख ही लेता था और मैने ठान ही लिया था कि इसकी सील मैं ही तोडुंगा और आंटी को चोदने के बाद उसकी लड़की को चोदना कोई मुश्किल काम नहीं था खैर आप लोग दुआ करे कि मेरा काम बन जाये और संगीता की कुंवारी चूत मारने का मेरा अरमान पूरा हो जाये अगर ऐसा हुआ तो मैं पूरी चुदायी की कहानी लिखूंगा पर आप लोग दुआ करे

शालिनी

April 28th, 2010

आज मैं आपको अपनी एक सहेली की कहानी सुनाने जा रही हूं। मेरी एक कहानी “सपनो की बरात” के नाम से आ चुकी है लेकिन उस पर किसी ने कोई रिएक्शन नहीं मिला तो बहुत दुख हुआ। प्लीज इस बार अपने रिएक्शन ज़रूर भेजें। इस कहानी की शुरुआत हम दो दोस्तों से हुई है और आगे जाकर इसमे कई मोड़ आते हैं जिसे आप लोग पसंद करेंगे। मैं क्योंकि एक लड़की हूं इस लिये ये चाहूंगी कि लड़कियां अपनी रिएक्षन ज़रूर लिखें, क्योंकि शायद लड़कियां एक दूसरे को अच्छे से समझ पाती हैं।

मेरी एक बहुत ही प्यारी सहेली है शालिनी।

उसकी उमर मेरे बराबर कोई २८ साल, हाइट ५.६, फ़ीगर ३४ सी-२८-३६ , गुलाबी रंग, बड़ी-२ आंखें, गुलाबी होंथ, खूब फूले हुए बूब्स, भरे-२ चूतड़ और उनसे नीचे उतरती सुडौल जांघें। बहुत ही प्यारी और सेक्सी लड़की है वो। हम दोनो कोलेज से एक साथ हैं और कोई बात एक दूसरे से छुपी हुई नहीं है। और हो भी कैसे सकती है क्योंकि कोलेज के ज़माने मैं ही हम दोनो के बीच एक रिश्ता और बन गया। एक रोज़ मैं उसके साथ उसके घर गयी तो घर मैं कोई नहीं था। हम दोनो मज़े से बातें कर रहे थे और मैं उसे सता रही थी कि संडे को तुम अश्विन से मिली थी तुम दोनो ने क्या किया था बताओ न मुजे और वो शरमा रही थी। अश्विन उसका कजिन था और दोनो एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे। दोनो अक्सर घूमने और पिक्चर देखने जाते थे। मेरे आग्रह करने पर उसने बड़े शरमाते हुए बताया कि उस दिन अश्विन ने उसे किस किया था। मैं ने उसे लिपटा कर उसका गुलाबी गाल चूम लिया, हे बेईमान अब बता रही हो, तो वो शरमा कर हंस दी। हे शालु बता न और क्या किया था तुम दोनो ने।

बस न, सिर्फ़ किस किया था उसने, वो शरमा कर मुस्कराई। ऐ शालु बता न प्लीज कैसे किया था। हट बदतमीज़ वो प्यार से मुझे धक्का दे कर हंस दी। मैं उसकी भरी-२ जांघों पर सिर रख कर लेट गयी उसके गोल गोल दूध मेरे चेहरे के ऊपर थे, मैं ने धीरे से उसके राइट दूध पर उंगली फेरी, क्यों शालु ये नहीं दबाये अश्विन ने? तो उसके चेहरा शरम से लाल हो गया और धीरे से बोली – हां, तो मैं ने उसका खूबसूरत गुलाबी चेहरा अपने दोनो हाथों मैं लेकर गाल चूम लिये। कैसा लगा था शालु, है निक्की क्या बताउं मेरी तो जैसे जान निकल गयी थी जब उनकी गरम-२ ज़बान मेरे मुंह मैं आयी मैं मदहोश हो गयी उन्होंने मुझे अपनी बाहों मैं ले लिया और एक दम से अपना हाथ यहां रख दिया वो निक्की का हाथ अपने राइट दूध पर रख कर सिसकी। मैं तड़प उठी और बहुत मना किया पर वो न माने और दबाते रहे।

फिर शालु?

निक्की बड़ी मुश्किल से उन्होंने मुझे छोड़ा। शालू की बातें सुनकर मेरी हालत अजीब होने लगी ऐसा लग रहा था जैसे पूरे जिस्म मैं चीटियां दौड़ रही हों। मेरा ये हाल देख कर शालू मुस्कुराई और मेरे गाल सहला कर बोली तुमको क्या हो गया निक्की? तो मैं ने शरमा कर उसकी जांघों मैं मुं ह छुपा लिया। वो मेरी पीठ सहला रही थी और मेरी हालत खराब हो रही थी क्योंकि मेरा चेहरा बिल्कुल उसकी चूत के ऊपर था जो खूब गरम हो रही थी और मेहक रही थी। मैं ने धीरे से उसकी चूत पर प्यार कर लिया तो वो सिसक उठी आह आह आह निक्की उफ़ नहीं न प्लीज मत करो और मेरे चेहरा उठाया। हम दोनो के चेहरे लाल हो रहे थे। शालु के थे। शालु के गुलाबी होंठ कांप रहे थे, मेरे चेहरे को अपने हाथों में लेकर वो सिसकी निक्की, और मैं भी ना रोक सकी और उसके गुलाबी कांपते होंठ चूम लिये।

एक आग सी लगी हुई थी हम दोनो के जिस्मों में। मैं उसके होंठ पर होंठ रख कर सिसक उठी, शालू प्लीज मुझे बताओ न अश्विन ने कैसे चूमे थे ये प्यारे-२ होंठ। तो अपने नाज़ुक गुलाबी होंठ दातों में दबा कर मुस्कुराई, निक्की उसके लिये तो तुमको शालू बनना पड़ेगा। मैं हंस दी उसके गाल तोर कर, चलो ठीक है तुम अश्विन बन जाओ। शालू ने अपनी बाहें फैला दी तो मैं उनमे समा गयी और वो मेरे गाल, होंठ, आंखें, नाक और गर्दन पर प्यार करने लगी तो मैं तड़प उठी आह आआह शा शाआलु ऐए मा नहीं ओह ओह ओह ऐ री उफ़ ये अह ओह ऊओम्म ऊऊम अह अह क्या कर रही हो अह है है बस बस नहीं न ऊफ और उसके होंठ मेरे होंठों से चिपक गये और उसकी गुलाबी ज़बान मेरे होंठों पर मचलने लगी। उसके एक हाथ जैसे ही मेरे दूध पर आया मेरी चीख निकल गयी नाआहि आअह अह शाअलु ऊफ़ मत करो प्लीज ये आअह क्या कर रही हो, तो मेरे होंठ चूसतुइ हुई सिसकिउ वो ही जो अश्विन ने मेरे साथ किया था।

वो मुझ से जूम गयी और उसकी ज़बान मेरे होंठ खोल रही थी धेरे-२ और फिर अंदर घुस गयी तो मैं उसकी ज़बान की गरमी से पागल हो उठी और उस से लिपट गयी, शालू ने मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरे दोनो दूध दबाते हुए मेरे होंठ चूसने लगी ऊफ़ उसकी ज़बान इतनी चिकनी, गरम और इतनी लम्बी थी के मेरे पूरे मुंह में मचल रही थी और मेरे गले तक जा रही थी। हम दोनो के चेहरे पूरे लाल हो रहे थे और थूक से भीग चुके थे। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और मैं भी उसका साथ दे रही थी और उसका प्यारा सा गुलाबी चेहरा हाथों में लेकर उसके होंठ और ज़बान चूस रही थी और सिसक रही थी आह अह शालु अह अह हां अह निक्की मेरी जान, ऊफ़ शालु कितनी मज़े की ज़बान है तेरी इतनी लम्बी ऊफ़ सच्ची अश्विन को मज़ा आ गया होगा, आअह ही धीरे निक्की अह आअह सच्ची निक्की बहुत मज़ा आया था क्या बताउं तुझे आह धीरे से मेरे होंठ।

आह निक्की उठो न प्लीज अब, तो हम दोनो उठे तो फिर से मुझे लिपटा कर मेरे होंठ चूसने लगी और मेरे कुरते की ज़िप खोली और मेरी ब्रा का हुक खोल दिया और मेरे मुंह में सिसकी उतारो न निक्की प्लीज और मेरे हाथ ऊपर करके मेरा कुरता अलग कर दिया, आअह शालु ये आह तो मेरे होंठ चूम कर सिसकी कुछ न बोलो निक्की सच्ची बहुत मज़ा आ रहा है मैं उसके सामने टोपलेस बैठी थी शरम से मेरी बुरी हालत थी। मैं ने अपने दोनो हाथों से अपने भरे भरे दूध छुपा लिये और देखा तो शालु ने भी अपना कुरता और ब्रा अलग कर दी और मैं देखती रह गयी। उफ़ कितने प्यारे दूध हैं शालु के खूब बड़े बड़े बिल्कुल गुलाबी रंग, तनी हुई लम्बी चूचियं जिनके आस पास लाल रंग का गोल घेरा उस ने मुझे अपनी तरफ़ देखते हुए पाया और मेरी आंखें चूम लीं और मेरे दोनो हाथ मेरे दूधों पर से हताये और अपने दूधों पर रखे और होंठ चबा कर सिसकी ऊई मां आह आह और फिर मेरे दूध पकड़े तो मेरी जान निकल गयी आऐए आआऐर अह्ह अह आआअह ऊओह ऊऊम आआआआअह नहीं शाल्लल्ललु और मैं ने भी उसके दूध ज़ोर से दबाये तो शालु भी मुझे से लिपट कर सिसक उठी आईईए ऊऊउइ ऊऊउइ अह अह अह धीएरे आह निक्कक्ककि धीएरे आह मेरे दूधु और मेरे होंठों पर होंठ रखे तो एक साथ हम दोनो की ज़बाने मुंह के अंदर घुस पड़ी।

उसकी लम्बी चिकनी और गरम ज़बान ने मुझे पागल कर दिया और फिर मुझे लिटा कर वो भी मेरे ऊपर लेट गयी। हमारे दूध आपस में जैसे ही टकराये तो दोनो की चीखें निकल पड़ी और हम दोनो झूम गये और मेरी चूत रस से भर गयी। मैं ने उसे लिपटा लिया और उसकी पीठ और चिकनी कमर और नरम-२ चूतड़ सहलानी लगी तो वो मेरे जिस्म पर मचलने लगी मैं ने उसका गुलाबी चेहरा उठाया तो उसकी आंखें नहीं खुल पा रही थीं बहुत हसीन लग रही थी शालु मैं उसके गाल और होंठ चूसने लगी उसके गोल नरम नरम दूध मेरे सांसों से टकराते तो जैसे आग लग जाती मैं ने उसको थोड़ा उपर किया तो उसके खूबसूरत चिकने गुलाबी दूध मेरे सामने थे मैं अपने आप को रोक न सकी और उसकी लाल चूची पर ज़बान फेरी वो मस्ती में चिल्ला पड़ी आईईई मा मर जाउंगी मैं आह अह ओह ऊओफ़ अह निक्की आह अह्ह हान ये ये ये भी किया था अश… अह अश्वनि ने।

और मैं ने उसका पूरा का पूरा दूध मुंह में ले लिया तो मज़ा आ गया और शालु ने मेरा चेहरा थाम कर अपने दूधों में घुसा लिया और सिर झटक कर मचलने लगी आआइए निक्की धीरे प्लीज ऊफ़ ऐई री मा धीर से न आअह बहुत अच्छा लग रहा है आह पूरा पूरा चूसो न ऊफ़ मेरा दूध आह निक्की सची ऐईए ऐसे नहीं न काटों मत प्लीज उफ़ तुम तो अह अश्विन से अच्छा चूसती हो आअह आराम से मेरी जान और वो मेरे दूध दबाने लगी है सच्ची कितनी नरम दूध हैं तेरे निक्की मुझे दो न प्लीज निक्की तो मैं ने होंठ अलग किये उसके दूध से और देखा तो उसका दूध मेरे चूसने से लाल और थूक से चिकना हो रहा था तो मैं ने जैसे ही दूसरा दूध मुंह में लेना चाहा वो सिसक उठी आह निक्की प्लीज मुझे दो न अपनी ये प्यारी-२ चूचियां कितनी मुलायम हैं उइ सच्ची मैं और मेरी चूचियां मसलने लगी तो मैं ने उसके गीले लाल होंठ चूम लिये अह आअह शालू आराम से मेरी जान आह और और क्या किया था अश्विन ने बताओ न तो मेरे दूध पर अपने चिकने गुलाबी गाल रख कर मुस्कुरायी और धीरे से बोली और कुछ नहीं करने दिया मैं ने। क्यों शालु दिल नहीं चाहा तुम्हारा।

वो मेरे उपर से उतर कर अपने पैर फैला कर बैठी और मुझे भी अपने से चिपका कर बिठा लिया और मेरे दूधों से खेलते हुए बोली निक्की सच दिल तो बहुत चाहा लेकिन मैने अपने को बड़ी मुश्किल से रोका। क्योंकि डर लग रहा था। तो मेरे दूधों पर ज़बान फेरने लगी तो मेरी आंखें बंद हो गयी मज़े में और मेरा हाथ उसकी चिकनी मुलायम पेट पर आया और उसकी गोल नाभि में उंगली घुमाने लगी। आह शाल्लु सच्ची कितनी लम्बी ज़बान है तुम्हारी और मैं क्या करूं आह मेरे दूध आऐए मा अह्ह धीरे न इतनि ज़ोर से मत नोचो मेरे दूध आह आह ओह ऊओफ़ शालू प्लीज नहीं न। आअह हन हाअन बस ऐसे ही चूसे जाओ बहुत मज़ा आ रहा है। निक्की मेरी जान सच्ची कहां छुपा रखे थे येह प्यारे-२ दूधु। तो मैं शरम से लाल हो गयी उसकी बात सुनकर और उसकी एक चूची ज़ोर से दबाई तो वो चिल्ला कर हंस पड़ी ऊऊउइ मा निक्की। तो मैं ने उसके होंठ चूम लिये। शालु, हूं, तुम ने बताया नहीं अश्विन और क्या कर रहा था तो वो शरमा कर मुसकराई निक्की वो तो, हां बोलो ना शालु प्लीज तो शालू ने मेरा हाथ अपने शलवार के नाड़े पर रखा और धीरे से बोली वो तो ये खोलने के मूड में थे, फिर शालू, मैं ने रोक दिया उसे। क्यों शालू क्यों रोक दिया बेचारा अश्विन, तो मेरे गाल पर ज़ोर से काट कर हंस दी बड़ी आयी अश्विन वाली। मैं भी ज़ोर से चिल्ला कर हंस दी ऐ शालू बताओ ना क्यों रोक दिया तो वो मुसकराई, मैं ने कह दिया ये सब अभी नहीं, शादी के बाद।

और वो फिर मेरे दूध चूसने लगी ज़ोर ज़ोर से तो मैं पागल हो उठी आह शालू आराम से मेरी जान और मैं ने उसकी शलवार खोल दी तो वो चोंक गयी और मेरा हाथ पकड़ कर बोली ये ये निक्की क्या कर रही हो, तो मैं ने उसके गीले रस भरे होंठ चूम लिये मेरी शालू जान शादी तो अश्विन से होगी मुझे तो दिखा दो तो वो मुझसे लिपट कर मेरे पूरे चेहरे पर प्यार करने लगी हाय मेरी निक्की कब से सोच रही थी मैं आह मेरी जान और एकदम से उसने मेरी शलवार भी खोल दी और उसक हाथ मेरी चिकनी जांघों पर था मैं मज़े में चिल्ला पड़ी ऊऊउइ शाआलु

नाआहि और वो मेरे होंठ चूस रही थी और मेरी जांघें सहला रही थी और मैं मचल रही थी नहीं शालु प्लीज मत करो आइए ऊऊओफ़ नाआहि न ओह मैं क्या करूं और उसने एकदुम से मेरी जलती हुई चोर पर हाथ रखा तो मैं उछल पड़ी, हाय रे आह ये ये क्या कर दिया शालु, मुझे कुछ होश न था उसका एक हाथ अब मेरी चूत सहला रहा था जो बुरी तरह गरम हो रही थी दूसरे हाथ से वो मेरा दूध दबा रही थी और उसकी लम्बी गरम ज़बान मेरे मुंह में हलचुल मचा रही थी। मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मेरी चूत झड़ने वाली है मैं ने उसे लिपटा कर उसके चूतड़ों पर हाथ फेरा तो वो मचल उठी और मैं भी मस्त हो गयी उसकी शलवार भी उतर चुकी थी अब हम दोनो बिल्कुल नंगे थे और बेड पर मचल रहे थे। आह निक्की ऊओफ़ सच्ची बहुत गरम चूत है उफ़ कितनी चिकनी है छोटी सी चूत सच्ची बहुत तरसी हूं इस प्यारी चूत के लिये मैं, दे दो न प्लीज निक्की ये हसीन छोटी सी चूत।

हाय शालू मैं ऐन निकल रही हूं प्लीज आह मैं क्या करूं मेरा पूरा जिस्म जल उठा और मैं ने शालु के नरम गरम चूतड़ दबाए और एकदम से उसकी चूत पर हाथ रखा तो वो तड़प उठी ऊऊउइ नीईइकि और मैं तो जैसे निहाल हो गयी उसकी चूत बिल्कुल रेशम की तरह मुलायम और चिकनी थी खूब फूली हुई मैं एकदम से उठी और उसकी चूत पर नज़र पड़ी तो देखती रह गयी बिल्कुल चिकनी चूत जिस पर एक बाल भी नहीं था और शालु की चूत लाल हो रही थी, क्या देख रही हो निक्की ऐसे तो मैं अपने होंठों न पर ज़बान फेर कर सिसकी शालू और एक दम से मैं ने उसकी चूत पर प्यार किया तो वो उछल कर बैठ गयी हम दोनो एक दूसरे की चूत सहला रहे थे। शालू, हूं, अश्विन को नहीं दी ये प्यारी सी चीज़, तो वो शरमा कर मुस्कुराई ऊन हूनह। क्यों? तो वो शरारत से मुस्कुरा कर बोली तुम्हारे लिये जो बचा कर रखी है। तो मैं हंस दी हट बदतमीज़। सच्ची निक्की, वो मेरी चूत धीरे-२ दबा कर सिसकी हमेशा सोचती थी के तुम्हारी ये कैसी होगी। तो मैं अहरमा कर मुसकुराई मेरे बारे मैं क्यों सोचती थीं तुम। पता नहीं बस तुम मुझ बहुत अच्छी लगती हो दिल चाहता है कहां प्यार करूं। तो मैं मुस्कुरा कर उस के होंठ चूम लिये, तो फिर आज से पहले क्यों नहीं किया ये सब। तो मेरे दूधों पर चेहरा रख कर बोली डर लगता था के तुमको खो न दूं कहीं।

मैं ने उसे लिपटा कर उसके होंठ चूस लिये और आहिस्ता से उसे लिटा दिया और झुक कर चूत के उभार पर प्यार किया तो वो मचल उठी आअह्ह आआह निक्की मुझे दे दो न अपनी हसीन सी चूत मेरी जान मेरे प्यार और मैं ने घूम कर अपनी चूत उसकी तरफ़ की तो मेरे नरम चूतहर पकड़ कर नीचे किये और चूत पर होंठ रखे तो मैं कांप गयी आह आह आह ऊऊऔइ शालु और जैसे ही उसकी ज़बान मेरी चूत पर आयी मैं नशे में उसकी चूत पर गिर पड़ी और उसकी चूत पर प्यार करने लगी और चूसने लगी। हम दोनो की चीखें निकल पड़ी दोनो के चूतड़ उछल रहे थे शालु मेरे चूतड़ दबा रही थी और अचानक उसकी ज़बान मेरी चूत के छेद में घुस पड़ी तो ऐसा लगा जैसे गरम पिघलता हुआ लोहा मेरी चूत में घुस गया हो, मैं चिल्ला पड़ी उसकी चूत से झूम कर आऐईए माअ मर जाआअओनगि नाआअहि शलु अर्रर्रर्ररे आह ऊओम ऊमफ ऊऊओह्ह ओह ओह ह्हह्है ह्हह्हिअ आआइ मैं निकल रही हूऊऊओन शालु मेरे चूतड़ उछलने लगे और शालु के चूतड़ भी मचले और वो भी मेरी चूत में चिल्लाने लगी निक्की चूसो अ आआइउ अयययो मा अर्रर्रर्रे रीईईए आआआअह ऊऊओमफ आआह्ह ह्हाआआआ आआअह्हह्ह ह्हाआआअ और मुझे ऐसा लगा जैसे चूत से झड़ना बह निकला हो रोकते-२ मेरे गले से नीचे उतर गया यही हाल शालू का भी था हम दोनो के चेहरे लाल हो रहे थे सांसें तेज़ तेज़ चल रही थीं और हम दोनो एक दूसरे से लिपट कर पता नहीं कब सो गये।

मेरे दोस्त की बीवी

April 28th, 2010

हाय,मैं एक ३० साल का आदमी हूं और दिल्ली मैं रहता हूं, मेरा एक दोस्त है जो कि रामपुर मैं रहता है और उसके भाई भाभी हलद्वानी मैं रहते हैं। वो पहले उसके ही साथ रहते थे पर अब कुछ चार साल से अलग रह रहे हैं।

ये कहानी करीब साढ़े चार साल पहले शुरु हुई थी मैं साल मैं एक या दो बार अपने दोस्त से मिलने उसके घर जाता था, सफ़र को पास करने के लिये मैं अक्सर नोवेल या सेक्स स्टोरी बुक्स ले लेता था। अपने दोस्त के पस्स जाने के बाद मैं अपना बेग ऐसे ही रख देता था पर एक दिन जब मैने अपना बेग खोला तो मुझे अपनी सेक्स स्टोरी बुक नहीं दिखाई दी।

तब मैने अपने दोस्त से पूछा तो उसने मना कर दिया कि उसने नहीं ली है तभी थोड़ी देर बाद उसकी भाभी जिसका नाम लवर(नाम बदला हुआ) था वो बोली कि तुम क्या ढूंढ रहो हो तब मैने कहा कि मेरे एक किताब नहीं मिल रही है तब उसने कहा की कहीं तुम इस किताब को तो नहीं ढूंढ रहे हो तो मैं उसके हाथ मैं किताब देख कर चौंक गया तब उसने कहा कि मैं तो अकसर ही तुम्हारे बेग से किताब निकाल कर पढ़ती हूं पर इस बार तुम्हे पता चल गया। इस तरह से उससे मेरा खुला हंसी मजाक (सेक्सी भी ) शुरु हो गया। फिर कुछ दिनो बाद मेरे दोस्त के भाई और भाभी हलद्वानी चले गये।

फिर जब मैं करीब छह महीने के बाद अपने दोस्त के यहां गया तो दोस्त से मिलने के बाद मैं हलद्वानी चला गया अपनी लवर से मिलने। वहां जा कर देखा तो मेरे दोस्त का भाई टूर पर गया हुआ था पर लवर मुझे देख कर बहुत ही खुश हुई।

अब मैं समझ गया कि आज बहुत कुछ हो सकता है। पहले तो हम आपस मैं हंसी मजाक करते रहे फिर रात का खाना खाने के बाद उसने मेरा बिस्तर गेस्ट रूम मैं लगा दिया और खुद अपने बच्चे को लेकर अपने बेडरूम मैं चली गयी।

थोड़ी देर बाद वो मेरे रूम मैं दूध लेकर आयी तब मैं उसे देखता ही रह गया क्योंकि उस वक्त उसने हालांकि सलवार सूट पहन रखा था पर वो उस वक्त क्या लग रही थी मैं बयां नहीं कर सकता। उसने मुझे एक नोटी स्माइल के साथ दूध दिया तो मैने मजाक मैं कहा कि मुझे तो दो चूची वाली गाय का दूध पीना है। तब उसने हंस कर कहा कि पहले तुम इस तो पी लो फिर देखा जायेगा।

तब मैने मन में सोचा कि आज तो मैं तुझे चोद कर ही रहुंगा। फिर दूध पीने के बाद वो मेरे पास आ कर बैठ गयी और मुझसे मजाक करने लगी तब मैने कहा कि अब मुझे दो चूची वाली गाय का दूध पीना है तब उसने कहा कि मैने कब मना किया है पर तुम्ही देर रहे हो।

सोरी दोस्तों, अभी मेरे बोस ओफ़िस में आ रहे हैं इस लिये मैं अपनी कहानी अधूरी छोड़ रहा हूं शेष जल्दी ही।